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बीएसए ने किया भुजौटी उच्च प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण
Updated Sat, 15 Dec 2018 12:04 AM IST
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मऊ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने शुक्रवार को नगर क्षेत्र के भुजौटी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इसमें शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय नहीं मिलने पर शिक्षकों को फटकार लगाई। साथ ही एक माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इससे शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भुजौटी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। जहां निरीक्षण के दौरान स्कूल के फर्श टूटे होने और दूसरी अव्यवस्था पर तत्कालीन भवन प्रभारी का एक माह का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए मरम्मत कराने का निर्देश दिया। इस दौरान जब बीएसए कक्षा आठ में पहुंचकर छात्रों से सवाल पूछा। इस दौरान छात्र बीएसए के सवालों का जवाब सही नहीं दे पाए, वहीं बीएसए ने छात्रों से इंग्लिश में आठ लिखने को कहा, लेकिन कोई भी छात्र इसको नहीं लिख सका। सभी कक्षाओं में शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिली। शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिलने पर बीएसए ने लापरवाह शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के साथ कड़ी कार्रवाई की। साथ ही शिक्षकों को एक माह में इसे सुधार करने का निर्देश दिया। इसके बाद बीएसए प्राथमिक विद्यालय पहुंचे, यहां भी निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। जिस पर शिक्षकों ने एक माह का समय मांगा। बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना था कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुबारा निरीक्षण में सुधार नहीं मिला तो कार्रवाई तय है।
शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भुजौटी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। जहां निरीक्षण के दौरान स्कूल के फर्श टूटे होने और दूसरी अव्यवस्था पर तत्कालीन भवन प्रभारी का एक माह का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए मरम्मत कराने का निर्देश दिया। इस दौरान जब बीएसए कक्षा आठ में पहुंचकर छात्रों से सवाल पूछा। इस दौरान छात्र बीएसए के सवालों का जवाब सही नहीं दे पाए, वहीं बीएसए ने छात्रों से इंग्लिश में आठ लिखने को कहा, लेकिन कोई भी छात्र इसको नहीं लिख सका। सभी कक्षाओं में शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिली। शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिलने पर बीएसए ने लापरवाह शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के साथ कड़ी कार्रवाई की। साथ ही शिक्षकों को एक माह में इसे सुधार करने का निर्देश दिया। इसके बाद बीएसए प्राथमिक विद्यालय पहुंचे, यहां भी निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। जिस पर शिक्षकों ने एक माह का समय मांगा। बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना था कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुबारा निरीक्षण में सुधार नहीं मिला तो कार्रवाई तय है।
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