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डीएम ने जारी किया तहसीलों कोनिर्देश
Updated Thu, 15 Jun 2017 11:03 PM IST
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मऊ। मिट्टी के खनन के बाबत बुधवार को जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने जिले के सभी तहसीलों को दिशा निर्देश जारी किया। इसके अनुसार अब व्यक्तिगत प्रयोग के लिए 40 घन मीटर मिट्टी निकाले जाने के लिए सिर्फ एसडीएम को आवेदन कर आदेश प्राप्त किया जा सकता है।
डीएम ने बताया कि मिट्टी खनन के बारे में अधिकांश लोगों को नियम की जानकारी नहीं है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ विरोधी तुरंत 100 डायल पर फोन कर देते हैं। इससे निजी प्रयोग के लिए मिट्टी निकालने वालों को दिक्कतों का सामना करना होता था। जनता दर्शन में प्राय: इस तरह की समस्याएं सुनने में आती हैं। इसको ध्यान में रखकर बुधवार को सभी तहसीलों को दिशा निर्देश जारी किया हैं। जिलाधिकारी ने बताया है कि केंद्र सरकार के खान एवं खनिज मंत्रालय से तीन फरवरी वर्ष 2000 को जारी अधिसूचना के अनुसार ग्रामीण अंचल में छोटे घरों के निर्माण के लिए, शिल्पकारों, कुम्हारों के द्वारा मिट्टी के बर्तन खिलौना आदि के निर्माण में प्रयुक्त होने वाली मिट्टी के लिए दस ट्रैक्टर-ट्राली, चालीस घन मिट्टी निकालने के लिए न कोई रायल्टी देनी होगी और नाही स्वच्छता प्रमाण पत्र प्राप्त करने की जरूरत पड़ेगी। इस कार्य के लिए सिर्फ उपजिलाधिकारी और तहसीलदार, खान अधिकारी को आवेदन देकर उन्हें सूचना देनी होगी। बिन्द, मांझी, केवट इत्यादि मछुवा समुदाय के व्यक्तियों के द्वारा मत्स्य पालन के परियोजना के लिए तालाब, पोखरा, जलाशय इत्यादि बनाने के लिए न तो रायल्टी और स्वच्छता प्रमाण पत्र देना है। इसी प्रकार किसानों को कृषि भूमि को समतल बनाने के लिए भी रायल्टी अथवा स्वच्छता प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी। केवल एसडीएम और खनन अधिकारी को आवेदन देकर सूचना देनी होगी। निजी कृषि भूमि पर मिट्टी से मेंड़ बनाने के लिए आवेदन भी नहीं देना होगा ।
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डीएम ने बताया कि मिट्टी खनन के बारे में अधिकांश लोगों को नियम की जानकारी नहीं है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ विरोधी तुरंत 100 डायल पर फोन कर देते हैं। इससे निजी प्रयोग के लिए मिट्टी निकालने वालों को दिक्कतों का सामना करना होता था। जनता दर्शन में प्राय: इस तरह की समस्याएं सुनने में आती हैं। इसको ध्यान में रखकर बुधवार को सभी तहसीलों को दिशा निर्देश जारी किया हैं। जिलाधिकारी ने बताया है कि केंद्र सरकार के खान एवं खनिज मंत्रालय से तीन फरवरी वर्ष 2000 को जारी अधिसूचना के अनुसार ग्रामीण अंचल में छोटे घरों के निर्माण के लिए, शिल्पकारों, कुम्हारों के द्वारा मिट्टी के बर्तन खिलौना आदि के निर्माण में प्रयुक्त होने वाली मिट्टी के लिए दस ट्रैक्टर-ट्राली, चालीस घन मिट्टी निकालने के लिए न कोई रायल्टी देनी होगी और नाही स्वच्छता प्रमाण पत्र प्राप्त करने की जरूरत पड़ेगी। इस कार्य के लिए सिर्फ उपजिलाधिकारी और तहसीलदार, खान अधिकारी को आवेदन देकर उन्हें सूचना देनी होगी। बिन्द, मांझी, केवट इत्यादि मछुवा समुदाय के व्यक्तियों के द्वारा मत्स्य पालन के परियोजना के लिए तालाब, पोखरा, जलाशय इत्यादि बनाने के लिए न तो रायल्टी और स्वच्छता प्रमाण पत्र देना है। इसी प्रकार किसानों को कृषि भूमि को समतल बनाने के लिए भी रायल्टी अथवा स्वच्छता प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी। केवल एसडीएम और खनन अधिकारी को आवेदन देकर सूचना देनी होगी। निजी कृषि भूमि पर मिट्टी से मेंड़ बनाने के लिए आवेदन भी नहीं देना होगा ।
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