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तेल के मूल्य और कम होने चाहिए
Updated Fri, 05 Oct 2018 10:08 PM IST
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ईंधन के बढ़ती कीमतों से परेशान आम जनता को सरकार ने भले ही शुक्रवार को पांच रुपये तक की राहत देने की घोषणा किया। शुक्रवार को मऊ जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीणांचल में पेट्रोल 4.70 रुपया कम और डीजल 4.30 कम मूल्य पर बिका। ऐसे में पेट्रोल 79.40 तथा डीजल 71.36 रुपये प्रति लीटर बिका। हालांकि बिक्री अन्य दिनों की तरह सामान्य रही। उधर, डेढ़ माह के अंदर पहली बार ज्यादा पेट्रो पदार्थो का ज्यादा दाम गिरने से लोग खुश दिखे। उनका कहना था कि तेल के मूल्य और कम होने चाहिए।
केंद्र और प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद गुरुवार की आधी रात से पेट्रोलियम पदार्थो की कीमत में पांच रुपये की भारी कमी होनी थी। शुक्रवार को दाम गिरे भी, लेकिन लोगों को राउंड फीगर में कमी नहीं नसीब हुई। ऐसे में पेट्रोल की कीमत में 4.70 और डीजल की कीमत 4.30 रुपए कम हुई। पंप पर तेल भरवाने गए उपभोक्ताओं ने इस पर अलग अलग राय दी। मनीष सरार्फ ने बताया कि सरकार का यह निर्णय उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा है। अनुराग बरनवाल ने कहा कि तेल का मूल्य और भी कम होना चाहिए, क्योंकि तेल का दाम गिरने पर ही सामानों के आवक में खर्च होने वाला भाड़ा कम होगा, इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेेेगा। गिरधर अग्रवाल ने कहा कि बीते एक माह से बढ़ रहे पेट्रो कीमतों में हुई इस कमी से जरूर कुछ राहत मिलेगी। लेकिन दाम और कम होने चाहिए। जमाल बोले देर से ही सही दुरस्त आई सरकार। आगे भी दाम कम होने चाहिए।
उधर, राहत की घोषणा के पहले तेल कंपनियों ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमश: 16 पैसे और 36 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए। पेट्रोल पंप संचालकों के आंकड़ों के अनुसार पिछले डेढ़ माह से रोजाना पेट्रोल और डीजल दामों में रोजाना पांच से छ: पैसा तक वृद्धि हो रही थी।
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केंद्र और प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद गुरुवार की आधी रात से पेट्रोलियम पदार्थो की कीमत में पांच रुपये की भारी कमी होनी थी। शुक्रवार को दाम गिरे भी, लेकिन लोगों को राउंड फीगर में कमी नहीं नसीब हुई। ऐसे में पेट्रोल की कीमत में 4.70 और डीजल की कीमत 4.30 रुपए कम हुई। पंप पर तेल भरवाने गए उपभोक्ताओं ने इस पर अलग अलग राय दी। मनीष सरार्फ ने बताया कि सरकार का यह निर्णय उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा है। अनुराग बरनवाल ने कहा कि तेल का मूल्य और भी कम होना चाहिए, क्योंकि तेल का दाम गिरने पर ही सामानों के आवक में खर्च होने वाला भाड़ा कम होगा, इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेेेगा। गिरधर अग्रवाल ने कहा कि बीते एक माह से बढ़ रहे पेट्रो कीमतों में हुई इस कमी से जरूर कुछ राहत मिलेगी। लेकिन दाम और कम होने चाहिए। जमाल बोले देर से ही सही दुरस्त आई सरकार। आगे भी दाम कम होने चाहिए।
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उधर, राहत की घोषणा के पहले तेल कंपनियों ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमश: 16 पैसे और 36 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए। पेट्रोल पंप संचालकों के आंकड़ों के अनुसार पिछले डेढ़ माह से रोजाना पेट्रोल और डीजल दामों में रोजाना पांच से छ: पैसा तक वृद्धि हो रही थी।
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