{"_id":"5cab9973bdec22143d39831d","slug":"171554749811-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आमजन के लिए मुसीबत बनी धारा 107\/ 16","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आमजन के लिए मुसीबत बनी धारा 107/ 16
Wed, 10 Apr 2019 10:30 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2019 10:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए बनाई गई धारा 107/16 पुलिस वालों के लिए मुफिद साबित होती होगी। जबकि आम लोगों के लिए यह मुसीबत भरी है। चुनाव में पुलिस लक्ष्य पूरा करने के लिए धड़ल्ले से इसका गलत इस्तेमाल कर रही। आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक सैकड़ों लोगों को पुलिस ने शांति भंग की आशंका की इस धारा में पाबंद किया है। ऐसे में लोग जमानत के लिए उपजिलाधिकारी न्यायालय का चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन
खैराबाद अतरारी मुहल्ला निवासी नगर पंचायत वलीदपुर के कुछ ऐसे प्रतिष्ठित साड़ी व्यवसायियों को पाबंद किया गया है। पाबंद साड़ी कारोबारी ने बताया कि उन्हे अपने व्यवसाय से फुर्सत ही नहीं मिलती कि वो दुनियादारी में समय गवांए या फिर किसी से लड़ाई-झगड़ा करें। नाम न छापने की शर्त पर कुछ बुनकरों ने बताया कि उन्होंने जीवन में कभी किसी से कोई विवाद तक नहीं किया, लेकिन उनको चालान इस धारा में कर दिया गया है। अब पुलिस कर्मचारी पाबंद किए गए लोगों के घर पर जमानत कराने की नोटिस पहुंचा रही है। तो लोगों को पता चला रहा है कि वो बवाली है, राह चलते वो बवाल करते है।
विज्ञापन
सीओ राजकुमार का कहना है कि धारा 107 / 16 चुनाव में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए संभावित लोगों पर लगाई जाती है । जो लोग निरुद्घ किए गए है, उनके द्वारा चुनाव में अशांति फैलाने का अंदेशा रहा होगा। इस धारा में निरुद्घ करने के लिए कोई मानक नही तय होता। वैसे यदि कोई गलत निरुद्घ किया गया है तो शिकायत मिलने पर उसकी जांच कर निरुद्घ करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन