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परिषदीय विद्यालयों में बेकार पड़े अग्निशमन यंत्र
Updated Sat, 08 Dec 2018 11:07 PM IST
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मऊ। शिक्षा सत्र का आठ माह बीत गया, लेकिन अधिकांश सरकारी तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र नहीं लग सके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से वर्षो पूर्व अग्निशमन यंत्र लगाया तो गया, लेकिन उसकी रिफिलिंग नहीं कराई गई, जिससे लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए यंत्र बेकार पड़े हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और फायर सर्विस की गाइडलाइन के मुताबिक हर स्कूल को इन नियमों को पूरा करना जरूरी है। लेकिन सब कुछ जानकर विभागीय अधिकारी मौन हैं।
जिले में 1502 सरकारी तथा सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड से संबद्ध 500 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। फायर सर्विस विभाग के नियमों के मुताबिक सरकारी तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आग बुझाने वाले अग्निशमन यंत्र लगाए जाने का नियम है। शिक्षा सत्र का आठ माह बीत गया, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के प्रति न तो शिक्षा विभाग और न ही प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। वर्षो पूर्व लाखों की लागत से परिषदीय विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र तो लगा दिए गए, लेकिन रिफिलिंग न होने से यंत्र बेकार पड़े हैं। शिक्षकों को उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण तक नहीं दिया जा सका है। अग्निशमन विभाग की तरफ से अग्निशमन यंत्र के मामले में 50 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को नोटिस जारी की गई है। साथ ही सरकारी विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगवाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत भी कराया गया है। बावजूद अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। अभी हाल ही में जौनपुर में जूनियर हाईस्कूल में गैस सिलिंडर फटने से हुई घटना के बाद भी जिला प्रशासन लापरवाह बना है।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगाए जाने के लिए डीआईओएस और बीएसए को पत्र भेजा गया है। साथ ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। अग्निशमन यंत्र के मामले में 50 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को नोटिस जारी की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक (निर्माण) अजीत तिवारी का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में लगे अग्निशमन यंत्र की रिफलिंग कराने के लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है। शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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कैेसे करेंगे उपयोग पता नहीं
पिपरीडीह। क्षेत्र के रैकवारडीह, भार, हासपुर, कहिनौर सहित विभिन्न इलाकों के परिषदीय विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र तो लगा है, लेकिन लगने के बाद रिफिलिंग ही नहीं कराया जा सका है। शिक्षकों को उपयोग की जानकारी न होने से उपकरण शो पीस बने हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय रैकवारडीह की प्रधानाध्यापिका शारदा सिंह तथा प्राथमिक विद्यालय रैकवारडीह की शिक्षिकाओं ने बताया कि अग्निशमन यंत्र तो लगा है, लेकिन उपयोग करने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय भार की प्रधानाध्यापक गीता सिंह, प्राथमिक विद्यालय हासपुर के प्रधानाध्यापक रामप्रसाद यादव, प्राथमिक विद्यालय के कहिनौर के शिक्षकों ने बताया कि उपयोग करने के लिए विभाग की तरफ से प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।
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जिले में 1502 सरकारी तथा सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड से संबद्ध 500 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। फायर सर्विस विभाग के नियमों के मुताबिक सरकारी तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आग बुझाने वाले अग्निशमन यंत्र लगाए जाने का नियम है। शिक्षा सत्र का आठ माह बीत गया, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के प्रति न तो शिक्षा विभाग और न ही प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। वर्षो पूर्व लाखों की लागत से परिषदीय विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र तो लगा दिए गए, लेकिन रिफिलिंग न होने से यंत्र बेकार पड़े हैं। शिक्षकों को उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण तक नहीं दिया जा सका है। अग्निशमन विभाग की तरफ से अग्निशमन यंत्र के मामले में 50 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को नोटिस जारी की गई है। साथ ही सरकारी विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगवाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत भी कराया गया है। बावजूद अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। अभी हाल ही में जौनपुर में जूनियर हाईस्कूल में गैस सिलिंडर फटने से हुई घटना के बाद भी जिला प्रशासन लापरवाह बना है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जिला अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगाए जाने के लिए डीआईओएस और बीएसए को पत्र भेजा गया है। साथ ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। अग्निशमन यंत्र के मामले में 50 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को नोटिस जारी की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक (निर्माण) अजीत तिवारी का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में लगे अग्निशमन यंत्र की रिफलिंग कराने के लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है। शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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कैेसे करेंगे उपयोग पता नहीं
पिपरीडीह। क्षेत्र के रैकवारडीह, भार, हासपुर, कहिनौर सहित विभिन्न इलाकों के परिषदीय विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र तो लगा है, लेकिन लगने के बाद रिफिलिंग ही नहीं कराया जा सका है। शिक्षकों को उपयोग की जानकारी न होने से उपकरण शो पीस बने हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय रैकवारडीह की प्रधानाध्यापिका शारदा सिंह तथा प्राथमिक विद्यालय रैकवारडीह की शिक्षिकाओं ने बताया कि अग्निशमन यंत्र तो लगा है, लेकिन उपयोग करने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय भार की प्रधानाध्यापक गीता सिंह, प्राथमिक विद्यालय हासपुर के प्रधानाध्यापक रामप्रसाद यादव, प्राथमिक विद्यालय के कहिनौर के शिक्षकों ने बताया कि उपयोग करने के लिए विभाग की तरफ से प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।