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शौर्य दिवस मनाया, मार्च भी निकला
Updated Thu, 06 Dec 2018 10:39 PM IST
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मऊ। विवादित ढांचा विध्वंस की 26वीं बरसी पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को शौर्य दिवस मनाया। जबकि भाकपा माले तथा वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने नगर के शीतला माता मंदिर में विधिवत हवन-पूजन कर शौर्य दिवस मनाया। साथ ही अयोध्या में श्रीराम के भव्य मन्दिर निर्माण के लिए हवन-पूजन के साथ निर्माण का संकल्प लिया। जिला संयोजक अजय सिंह ने कहा कि छह दिसंबर 1992 हिंदू समाज के लिए शौर्य का प्रतीक है। सैकड़ों वर्षों का भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर लगे कलंक को हिंदू समाज ने हटा दिया। आज फिर हिंदू समाज मंदिर निर्माण का संकल्प ले रहा है। हर हाल में भगवान श्रीराम का मंदिर बनेगा। विनीत तिवारी ने कहा कि, सब कुछ सकारात्मक दिशा में चल रहा है यह हिंदू शताब्दी है, अतिशीघ्र श्रीराम मंदिर निर्माण के हम सब साक्षी बनेंगे। इस अवसर पर अजय राय, पंकज तिवारी, महावीर विश्वकर्मा, अनुपम विश्वकर्मा, श्रवण विश्वकर्मा, मनोज कुमार, मनोज ओम्, बालाजी, राजू मौर्या, जितेंद्र गुप्ता आदि शामिल रहे। उधर, भाकपा माले तथा वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने नगर के भीटी से ‘संविधान धर्मनिरपेक्ष बचाओ मार्च’ निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित जिलाधिकारी को चार सूत्री ज्ञापन सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि छह दिसंबर विवादित ढांचा विध्वंस की 26वीं बरसी है। यह जरुरी है कि यह दिन धर्मनिरपेक्ष तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए मनाया जाए। इस दौरान बसंत कुमार, त्रिभुवन शर्मा, हिसामुद्दीन, अनस अहमद, विनोद सिंह आदि शामिल रहे। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की बैठक सलाहाबाद मोड़ स्थित पार्टी कार्यालय पर जिला अध्यक्ष विजयशंकर यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें यादव ने कहा कि छह दिसंबर 1992 को जिस तरह से विवादित ढांचा ढहाया गया, वह स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे कलंकित दिन मना जा रहा है। बोले देश के विभाजन के समय भी इतना उन्माद नहीं दिखा था, जितना उस दौरान रहा। कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार वही परिस्थिति पैदा कर पुन: सत्ता पर काबिज होना चाहती है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाहों में काली पट्टी बॉधकर काला दिवस मनाया। इस दौरान भरत सिंह, विद्युत प्रकाश यादव, शिवानंद मल्ल, रविशंकर एडवोकेट, शमशेर आलम, सरवर अली मंसूरी, जमुना राजभर, नेसार अहमद, कमलेश यादव, शिवप्रसन्न यादव, डा. रमेश यादव, हरिंद्र राजभर, राजकुमार यादव, अमला यादव, शिवबचन यादव, ओमप्रकाश यादव, उमेश यादव, जगजीवन प्रसाद, सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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