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किसानों को वर्मी कंपोस्ट के बारे में दी गई जानकारी
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:39 PM IST
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बढुआ गोदाम । भारतीय बीज विज्ञान संस्थान कुशमौर के तरफ से गुरुवार को संस्थान के सभागार में तीन दिवसीय किसान गोष्ठी के दुसरे दिन किसानो को खरपतवार नियंत्रण और बर्मी कंपोस्ट खाद के विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया । इसमे चंदौली जनपद के एसआरएस समाज सेवी संस्था के किसानो ने भाग लिया ।
गोष्ठी में बीज विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डा. एम बोरैया ने किसानो को बताया कि खरपतवार का सही समय पर नियंत्रण नही होने से फसल की उत्पादन पर असर पड़ता हैं इस लिए किसान को धान के फसल की रोपाई से दो महीने पहले खेत में हरी खाद के रूप में ढैंचा की खेती करे जिससे आप की खेत मिट्टी उपजाऊ होगी साथ ही खरपतवार का नियंत्रण होगा किसान खरपतवार नाशी दवा का भी छिड़काव कर सकता हैं, जय ओम दिवेदी ने किसानो को बर्मी कंपोस्ट खाद के बारे में बताया कि किसान अपने खेती के उपयोग के लिए स्वंय ही जैविक खाद बना सकता हैं भारत सरकार भी इसके लिए किसानो को सहायता दे रही हैं । किसान 3 बाई 6 सेमी का एक सीमेंट गड्ढा तैयार कर उसमे पशुओ का गोबर, खरपतवार, पुवाल और थोड़ा-बहुत मिट्टी मिलाकर खाद तैयार करने वाले केंचुओ को डाल दे गड्ढे भर जाने पर मिट्टी से पुरी तरह लीप दे। इस अवसर पर डा. रमेश, डा. श्रीपति केवी, राजेश कुमार चौहान किसानो में कमलेश सिंह, भानू गुप्ता, योगेंद्र, रामअधार, सुनील कुमार, शकील आदि किसान उपस्थित रहे ।
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गोष्ठी में बीज विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डा. एम बोरैया ने किसानो को बताया कि खरपतवार का सही समय पर नियंत्रण नही होने से फसल की उत्पादन पर असर पड़ता हैं इस लिए किसान को धान के फसल की रोपाई से दो महीने पहले खेत में हरी खाद के रूप में ढैंचा की खेती करे जिससे आप की खेत मिट्टी उपजाऊ होगी साथ ही खरपतवार का नियंत्रण होगा किसान खरपतवार नाशी दवा का भी छिड़काव कर सकता हैं, जय ओम दिवेदी ने किसानो को बर्मी कंपोस्ट खाद के बारे में बताया कि किसान अपने खेती के उपयोग के लिए स्वंय ही जैविक खाद बना सकता हैं भारत सरकार भी इसके लिए किसानो को सहायता दे रही हैं । किसान 3 बाई 6 सेमी का एक सीमेंट गड्ढा तैयार कर उसमे पशुओ का गोबर, खरपतवार, पुवाल और थोड़ा-बहुत मिट्टी मिलाकर खाद तैयार करने वाले केंचुओ को डाल दे गड्ढे भर जाने पर मिट्टी से पुरी तरह लीप दे। इस अवसर पर डा. रमेश, डा. श्रीपति केवी, राजेश कुमार चौहान किसानो में कमलेश सिंह, भानू गुप्ता, योगेंद्र, रामअधार, सुनील कुमार, शकील आदि किसान उपस्थित रहे ।
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