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वितविहीन शिक्षकों ने दिया आंदोलन का अल्टीमेटम
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:11 AM IST
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मऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ की बैठक गुरुवार को नगर के फातिमा चौराहा दुर्गा मंदिर परिसर में हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष मोहित यादव ने कहा कि तत्कालीन अखिलेश सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए दो सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी। जिससे कि वित्तविहीन शिक्षकों को प्रथम किश्त छह माह की धनराशि का भुगतान हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अक्तूबर 2016 से मार्च 2017 तक की द्वितीय किश्त का भुगतान 30 प्रतिशत विद्यालय के शिक्षकों का ही किया। 70 प्रतिशत विद्यालयों के शिक्षकों को अभी तक द्वितीय किश्त का भुगतान नहीं किया गया और न ही शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मानदेय दिया गया और न ही सम्मिलित किया गया। शिक्षकों की सेवा नियमावली तक नहीं बनाई जा सकी है। शिक्षकों की मांगों पर विचार नहीं किया गया तो हम लोग 10 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगें। बैठक को लक्ष्मण यादव, गामा यादव, राजकिशोर प्रसाद, जयेंद्र यादव, सुरेंद्र चौहान आदि ने संबोधित किया। इस दौरान रविंद्र सिंह, रणजीत यादव, शिवचंद प्रजापति, रीता यादव, महातम, श्रीराम, प्रमोद गोंड, सुबाष चंद्र आदि शामिल रहे।
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बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष मोहित यादव ने कहा कि तत्कालीन अखिलेश सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए दो सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी। जिससे कि वित्तविहीन शिक्षकों को प्रथम किश्त छह माह की धनराशि का भुगतान हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अक्तूबर 2016 से मार्च 2017 तक की द्वितीय किश्त का भुगतान 30 प्रतिशत विद्यालय के शिक्षकों का ही किया। 70 प्रतिशत विद्यालयों के शिक्षकों को अभी तक द्वितीय किश्त का भुगतान नहीं किया गया और न ही शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मानदेय दिया गया और न ही सम्मिलित किया गया। शिक्षकों की सेवा नियमावली तक नहीं बनाई जा सकी है। शिक्षकों की मांगों पर विचार नहीं किया गया तो हम लोग 10 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगें। बैठक को लक्ष्मण यादव, गामा यादव, राजकिशोर प्रसाद, जयेंद्र यादव, सुरेंद्र चौहान आदि ने संबोधित किया। इस दौरान रविंद्र सिंह, रणजीत यादव, शिवचंद प्रजापति, रीता यादव, महातम, श्रीराम, प्रमोद गोंड, सुबाष चंद्र आदि शामिल रहे।