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12 गावों में पेयजल संकट गहराया
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दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र का गोठा स्थित ओवरहेड टैंक बदहाल पड़ा है। जल निगम की तरफ से दशकों पूर्व बिछाई गई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाने से लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। अधिकारी बजट का रोना रोकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
गोंठा स्थित ओवरहेड टैंक से फरसरा, पनइल, कुसुम्हा, इब्राहिमाबाद, रामपुर, धनौली, खरकौली, पाउस, बसियाराम, ठाकुर गांव सहित दर्जनों गांवों को जलापूर्ति की जाती है। लगातार दो वर्ष से जल निगम की तरफ से गांवों मेें बिछाई गई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से लोगों के घरों में पानी पहुंच नहीं पा रहा है। शुद्घ पानी न मिल पाने के कारण लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। हालत यह है कि 12 गांवों के सापेक्ष मात्र गोठा गांव के दो पुरवों तक ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है। अधिकारियों की मानें तो प्रोजेक्ट की मियाद खत्म हो गई है। विभाग की तरफ से अभी तक कार्ययोजना तैयार नहीं की जा सकी है। इस संबंध में ग्राम प्रधान वंदना गुप्ता का कहना है कि लगातार दो वर्ष से जल निगम की बिछाई गई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन मामले को लटका दिया गया है।
ग्रामीण जयप्रकाश राय, संजय उपाध्याय, टिंकू, अरविंद, सुनील, ब्रह्मानंद, इकबाल, रामसरीख चौहान का कहना है कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं किया जा सका है।
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इस बाबत जल निगम के अवर अभियंता सतेंद्र कौशिक का कहना है कि प्रोजेक्ट की मियाद पूरी हो चुकी है। किसी तरह से जुगाड़ कर गर्मी को देखते हुए अनवरत चलाया जा रहा है। बजट मिलते ही मरम्मत करा दिया जाएगा।
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गोंठा स्थित ओवरहेड टैंक से फरसरा, पनइल, कुसुम्हा, इब्राहिमाबाद, रामपुर, धनौली, खरकौली, पाउस, बसियाराम, ठाकुर गांव सहित दर्जनों गांवों को जलापूर्ति की जाती है। लगातार दो वर्ष से जल निगम की तरफ से गांवों मेें बिछाई गई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से लोगों के घरों में पानी पहुंच नहीं पा रहा है। शुद्घ पानी न मिल पाने के कारण लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। हालत यह है कि 12 गांवों के सापेक्ष मात्र गोठा गांव के दो पुरवों तक ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है। अधिकारियों की मानें तो प्रोजेक्ट की मियाद खत्म हो गई है। विभाग की तरफ से अभी तक कार्ययोजना तैयार नहीं की जा सकी है। इस संबंध में ग्राम प्रधान वंदना गुप्ता का कहना है कि लगातार दो वर्ष से जल निगम की बिछाई गई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन मामले को लटका दिया गया है।
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ग्रामीण जयप्रकाश राय, संजय उपाध्याय, टिंकू, अरविंद, सुनील, ब्रह्मानंद, इकबाल, रामसरीख चौहान का कहना है कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं किया जा सका है।
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इस बाबत जल निगम के अवर अभियंता सतेंद्र कौशिक का कहना है कि प्रोजेक्ट की मियाद पूरी हो चुकी है। किसी तरह से जुगाड़ कर गर्मी को देखते हुए अनवरत चलाया जा रहा है। बजट मिलते ही मरम्मत करा दिया जाएगा।