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वैज्ञानिक विधि से खेती से करें बेहतर पैदावार
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मऊ। किसानों की आय को दुगुना करने के क्रम में कृषि विभाग की तरफ से जिले के 92 न्याय पंचायतों में एक साथ चारदिवसीय किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। पीओएस मशीन का प्रदर्शन किसानों को होने वाले लाभ से परिचित कराया गया। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बड़रांव ब्लाक के पिड़उथ स्थित प्राइमरी स्कूल परिसर में किसान पाठशाला का उद्घाटन किया।
इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने कहा कि परंपरागत तरीके से खेती करने के बजाय वैज्ञानिक विधि से खेती करने से बंपर पैदावार ली जा सकती है। कृषि विभाग की तरफ से आयोजित गोष्ठियों में प्रतिभाग कर वैज्ञानिक विधि से खेती करने की जानकारी हासिल कर सकते हैं। साथ ही अपने समस्या का समाधान कृषि विशेषज्ञों से करा सकते हैं।
फसल कटने के बाद अवशेष को चारा के उपयोग में लाया जा सकता है। जानवरों के खाने के उपयोग में लाया जाता है और उनके गोबर को खाद व जलावन के उपयोग में भी लाया जा सकता है। साथ ही गोबर को मछली बहुत ही चाव से खाती हैं। मछली पालन कर किसान अपनी आय को दुगुना कर सकते हैं। किसानों को मछली पालन पर भी विशेष बल दिया। किसानों को खेती की आधुनिक पद्धति को विस्तार से बताया। कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
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इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने कहा कि परंपरागत तरीके से खेती करने के बजाय वैज्ञानिक विधि से खेती करने से बंपर पैदावार ली जा सकती है। कृषि विभाग की तरफ से आयोजित गोष्ठियों में प्रतिभाग कर वैज्ञानिक विधि से खेती करने की जानकारी हासिल कर सकते हैं। साथ ही अपने समस्या का समाधान कृषि विशेषज्ञों से करा सकते हैं।
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फसल कटने के बाद अवशेष को चारा के उपयोग में लाया जा सकता है। जानवरों के खाने के उपयोग में लाया जाता है और उनके गोबर को खाद व जलावन के उपयोग में भी लाया जा सकता है। साथ ही गोबर को मछली बहुत ही चाव से खाती हैं। मछली पालन कर किसान अपनी आय को दुगुना कर सकते हैं। किसानों को मछली पालन पर भी विशेष बल दिया। किसानों को खेती की आधुनिक पद्धति को विस्तार से बताया। कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
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