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देर से ही सही लेकिन अब लगी मुहर
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अतिक्रमण की जद में आने के साथ प्रदूषित होकर जिले के लिए जीवनदायनी तमसा नाले में बदल चुकी है। हालांकि अमर उजाला के मुहिम पर 2016 में तत्कालीन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सामाजिक संगठनों के सहयोग से तमसा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए अभियान चलाया था। इस दौरान तमसा का अस्तित्व कुछ हद तक वापस आया था। डीएम ने तमसा की मजबूती के लिए दस बिंदुओं की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इस पर देर से ही सही अब एनजीटी के जरिए मुहर लगी है।
पौराणिक कथाओं में समाहित तमसा की कीर्ति उपलब्धि उल्लेखित है। लेकिन बाद में बढ़ते कलकारखानों से तमसा उपेक्षित हुई और तो देखते ही देखते उसके अस्तित्व पर खतरा मंडाने लगा था। 2016 के अप्रैल माह से अमर उजाला ने तमसा के अस्तित्व पर मड़रा रहे खतरे को दर्शाते हुए खबर प्रकाशित की थी। जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने 12 जून को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर तमसा को अविरल निर्मल बनाने की मुहिम शुरू की। जिसमें विभिन्न स्कूलों के प्रबंधक, सामाजिक संगठनों के साथ-साथ अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। तैयार की गई रुप रेखा में 14 जून की सुबह से तमसा को अविरल निर्मन बनाने की मुहिम शुरु की गई। हजारों लोग मुहिम में शामिल हुए और तमसा को निर्मल बनाने में योगदान दिया। इससे तमसा काफी हद तक निर्मल हो चली थी। इसकी निर्मलता बनी रहे इसके लिए तत्कालीन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शासन को सीडी पत्र भेजा था। इसमें दस बिंदुओं का उल्लेख भी किया गया था। इस पत्र का असर अब दिख। अब तमसा अविरल निर्मल होने की कगार पर है।
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पौराणिक कथाओं में समाहित तमसा की कीर्ति उपलब्धि उल्लेखित है। लेकिन बाद में बढ़ते कलकारखानों से तमसा उपेक्षित हुई और तो देखते ही देखते उसके अस्तित्व पर खतरा मंडाने लगा था। 2016 के अप्रैल माह से अमर उजाला ने तमसा के अस्तित्व पर मड़रा रहे खतरे को दर्शाते हुए खबर प्रकाशित की थी। जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने 12 जून को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर तमसा को अविरल निर्मल बनाने की मुहिम शुरू की। जिसमें विभिन्न स्कूलों के प्रबंधक, सामाजिक संगठनों के साथ-साथ अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। तैयार की गई रुप रेखा में 14 जून की सुबह से तमसा को अविरल निर्मन बनाने की मुहिम शुरु की गई। हजारों लोग मुहिम में शामिल हुए और तमसा को निर्मल बनाने में योगदान दिया। इससे तमसा काफी हद तक निर्मल हो चली थी। इसकी निर्मलता बनी रहे इसके लिए तत्कालीन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शासन को सीडी पत्र भेजा था। इसमें दस बिंदुओं का उल्लेख भी किया गया था। इस पत्र का असर अब दिख। अब तमसा अविरल निर्मल होने की कगार पर है।
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