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दहेज हत्या में तीन को दस साल की सजा
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- फोटो : Video Blocks
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मऊ। अपर सत्र न्यायधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक सुरेश कुमार गुप्ता ने दहेज हत्या के मामले में नामजद चार आरोपियों में से तीन को दोषी पाए जाने के बाद 10-10 वर्ष की सजा के साथ ही कुल आठ- आठ हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। वही एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला हलधर पुर थाना क्षेत्र का है ।
मामले के अनुसार, गाजीपुर जनपद के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के सीधागरघाट निवासी सीताराम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप है कि उसने अपनी बेटी सुनीता की शादी चकरा निवासी अजीत पुत्र गुलाब से जून 2007 में की थी । शादी के बाद से ही बेटी को दहेज के लिए दामाद अजीत, सास ज्ञानती, ननद प्रेमा, किरण, गीता, भसुर अशोक देवर व अमित प्रताड़ित करते थे। दहेज के लिए उक्त लोगों ने 17 जून 2009 को सुनीता का जलाकर मार डाला। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया गया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार पांडेय ने सात गवाह पेश किए।
जज ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण थाना हलधरपुर क्षेत्र के चकरा निवासी अजीत पुत्र गुलाब, ज्ञानती देवी पत्नी गुलाब और अमित पुत्र गुलाब को दोषी पाया और उन्हें दहेज हत्या में दस-दस साल की सजा सुनाई। साथ ही आठ-आठ हजार रुपया जुर्माना लगाया। वहीं अनिल को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
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मामले के अनुसार, गाजीपुर जनपद के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के सीधागरघाट निवासी सीताराम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप है कि उसने अपनी बेटी सुनीता की शादी चकरा निवासी अजीत पुत्र गुलाब से जून 2007 में की थी । शादी के बाद से ही बेटी को दहेज के लिए दामाद अजीत, सास ज्ञानती, ननद प्रेमा, किरण, गीता, भसुर अशोक देवर व अमित प्रताड़ित करते थे। दहेज के लिए उक्त लोगों ने 17 जून 2009 को सुनीता का जलाकर मार डाला। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया गया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार पांडेय ने सात गवाह पेश किए।
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जज ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण थाना हलधरपुर क्षेत्र के चकरा निवासी अजीत पुत्र गुलाब, ज्ञानती देवी पत्नी गुलाब और अमित पुत्र गुलाब को दोषी पाया और उन्हें दहेज हत्या में दस-दस साल की सजा सुनाई। साथ ही आठ-आठ हजार रुपया जुर्माना लगाया। वहीं अनिल को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
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