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Mau News: आठ साल से बदहाल कोपागंज-कसारा मार्ग की मरम्मत के लिए मिले 1.54 करोड़
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बदहाल कोपागंज-कसारा मार्ग। संवाद
मऊ / कोपागंज। आठ साल से बदहाल 5.5 किमी लंबी कोपागंज-कसारा जाने वाली सड़क की मरम्मत के लिए 1.54 करोड़ रुपये मिले हैं। लोक निर्माण विभाग ने 27 सितंबर को धन के आवंटन की स्वीकृति दे दी है। निर्माण खंड को 15.41 लाख रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए हैं। निर्माण खंड की ओर से चौड़ीकरण और नवीनीकरण के लिए इस साल पांचवी बार प्रस्ताव भेजा गया था।
सड़क की हालत यह थी कि बारिश में सड़क पर 2 फिट तक पानी लग जाता है। सड़क की लंबाई 5.5 किमी और चौड़ाई 3.75 मीटर है। मात्र 5.5 किलोमीटर की दूरी तय करने में ग्रामीणों को 40 मिनट का समय लग जाता था। वर्ष 2016 में सड़क का नवीनीकरण कराया गया था। एक साल बाद गोरखपुर वाराणसी फोरलेन के निर्माण में डंपर और ट्रेलर से मिट्टी ढुलाई के चलते सड़क उखड़ गई।
एनएचएआई ने सड़क की मरम्मत की बात कही थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई। ये सड़क पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-29 से मऊ-मधुबन शहीद मार्ग को जोड़ती है। इस सड़क पर रोजाना 25 से अधिक गांव के लोगों का आवागमन होता है। इसके अलावा बलिया के भीमपुरा, नगरा सहित कई ब्लॉक क्षेत्रों में आने-जाने के लिए लोग इसी रास्ते से आते-जाते हैं। निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग की ओर से वर्ष 2021 से लगातार हर साल प्रस्ताव भेजा जा रहा है, लेकिन शासन में बैठे जिम्मेदारों को सड़क की महत्ता नजर नहीं आती थी।
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इनसेट -
धन आवंटन होते ही कैबिनेट मंत्री और सपा विधायक में श्रेय लेने की होड़
सड़क मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृत कराने का श्रेय लेने के लिए सोशल मीडिया पर कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और घोसी से सपा विधायक सुधाकर सिंह में होड़ मच गई है। अपने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से लोक निर्माण विभाग को लिखे गए पत्र को साझा किया है। दोनों जनप्रतिनिधि अपने पत्र के माध्यम से मरम्मत की अनुमति मिलने की बात कह रहे हैं। सुधाकर सिंह ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को 26 अगस्त 2025 को पत्र लिखा था। जिसमें कोपागंज-कसारा मार्ग और नदवासराय-चंद्रापार मार्ग का उल्लेख किया गया है। जबकि कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को पहला पत्र 08 जुलाई 2024 को भेजा था, इसके बाद 8 अक्तूबर 2024, 15 नवंबर 2024 और 07 अगस्त 2025 को पत्र भेजकर अवगत कराया है।
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इनसेट -
चौड़ीकरण की अनुमति नहीं मिलने से ग्रामीण नाखुश
सड़क के विशेष मरम्मत की सूचना के बाद भी ग्रामिणों में रोष है। उनका कहना है कि सड़क के सात मीटर चौड़ा और नवीनीकरण की मांग हो रही थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बीते एक दशक में अधिक है। सड़क 3.75 मीटर चौड़ी है, जिसके चलते बड़े वाहनों को एक साथ निकलने में परेशानी होती है।
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26 मार्च को पांचवी बार भेजा गया था प्रस्ताव
लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड ने कोपागंज-कसारा मार्ग के नवीनीकरण और चौड़ीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 03 दिसंबर 2021 को प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। इसके बाद वर्ष 2022-23 में 16 फरवरी 2023, वित्तीय वर्ष 2023-24 में सात जुलाई 2023 को प्रस्ताव भेजा था। स्वीकृति नहीं मिलने पर नाबार्ड योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 27 अगस्त 2024 को प्रस्ताव भेजा था। फिर से नाबार्ड के तहत 26 मार्च 2025 को प्रस्ताव मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग लखनऊ को भेजा था।
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सड़क की हालत यह थी कि बारिश में सड़क पर 2 फिट तक पानी लग जाता है। सड़क की लंबाई 5.5 किमी और चौड़ाई 3.75 मीटर है। मात्र 5.5 किलोमीटर की दूरी तय करने में ग्रामीणों को 40 मिनट का समय लग जाता था। वर्ष 2016 में सड़क का नवीनीकरण कराया गया था। एक साल बाद गोरखपुर वाराणसी फोरलेन के निर्माण में डंपर और ट्रेलर से मिट्टी ढुलाई के चलते सड़क उखड़ गई।
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एनएचएआई ने सड़क की मरम्मत की बात कही थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई। ये सड़क पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-29 से मऊ-मधुबन शहीद मार्ग को जोड़ती है। इस सड़क पर रोजाना 25 से अधिक गांव के लोगों का आवागमन होता है। इसके अलावा बलिया के भीमपुरा, नगरा सहित कई ब्लॉक क्षेत्रों में आने-जाने के लिए लोग इसी रास्ते से आते-जाते हैं। निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग की ओर से वर्ष 2021 से लगातार हर साल प्रस्ताव भेजा जा रहा है, लेकिन शासन में बैठे जिम्मेदारों को सड़क की महत्ता नजर नहीं आती थी।
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धन आवंटन होते ही कैबिनेट मंत्री और सपा विधायक में श्रेय लेने की होड़
सड़क मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृत कराने का श्रेय लेने के लिए सोशल मीडिया पर कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और घोसी से सपा विधायक सुधाकर सिंह में होड़ मच गई है। अपने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से लोक निर्माण विभाग को लिखे गए पत्र को साझा किया है। दोनों जनप्रतिनिधि अपने पत्र के माध्यम से मरम्मत की अनुमति मिलने की बात कह रहे हैं। सुधाकर सिंह ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को 26 अगस्त 2025 को पत्र लिखा था। जिसमें कोपागंज-कसारा मार्ग और नदवासराय-चंद्रापार मार्ग का उल्लेख किया गया है। जबकि कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को पहला पत्र 08 जुलाई 2024 को भेजा था, इसके बाद 8 अक्तूबर 2024, 15 नवंबर 2024 और 07 अगस्त 2025 को पत्र भेजकर अवगत कराया है।
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चौड़ीकरण की अनुमति नहीं मिलने से ग्रामीण नाखुश
सड़क के विशेष मरम्मत की सूचना के बाद भी ग्रामिणों में रोष है। उनका कहना है कि सड़क के सात मीटर चौड़ा और नवीनीकरण की मांग हो रही थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बीते एक दशक में अधिक है। सड़क 3.75 मीटर चौड़ी है, जिसके चलते बड़े वाहनों को एक साथ निकलने में परेशानी होती है।
26 मार्च को पांचवी बार भेजा गया था प्रस्ताव
लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड ने कोपागंज-कसारा मार्ग के नवीनीकरण और चौड़ीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 03 दिसंबर 2021 को प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। इसके बाद वर्ष 2022-23 में 16 फरवरी 2023, वित्तीय वर्ष 2023-24 में सात जुलाई 2023 को प्रस्ताव भेजा था। स्वीकृति नहीं मिलने पर नाबार्ड योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 27 अगस्त 2024 को प्रस्ताव भेजा था। फिर से नाबार्ड के तहत 26 मार्च 2025 को प्रस्ताव मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग लखनऊ को भेजा था।