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दम तोड़ रही युवा स्वरोजगार योजना
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:48 PM IST
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मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना बैंकिंग उदासीनता के चलते दम तोड़ रही है। जिला उद्योग केंद्र की तरफ से बेरोजगार युवाओं को उद्यम लगाने के लिए संबंधित बैंकों को दो माह पूर्व 56 फाइलें ऋण स्वीकृत करने के लिए भेजी गई। लेकिन अभी तक निपटारा नहीं किया जा सका है। जबकि 15दिन के अंदर ही बैंकों को स्थलीय सत्यापन करने का प्रावधान है। परेशान बेरोजगार बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं।
युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में उद्योग लगाने के लिए25 लाख रुपये तक ऋण देने की व्यवस्था है। 25 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है। जिला उद्योग केंद्र ने योजना का 106 लक्ष्य रखा गया है। 100 युवाओं ने योजना के तहत आनलाइन आवेदन किया। साक्षात्कार में 56 अभ्यर्थी ही योग्य पाए गए। विभाग की तरफ से 56 बेरोजगार युवाओं की फाइलों को दो माह पूर्व बैंकों को भेज दिया गया। नियम के तहत 15 दिन के अंदर ही बैंकों को स्थलीय सत्यापन कर निपटारा करना होता है। लेकिन अभी तक एक भी बेरोजगार को न तो ऋण मिला और न ही जिला उद्योग केंद्र को वापस की गई। परेशान बेरोजगार जिला उद्योग केंद्र से लेकर बैंकों का चक्कर काट रहे हैं।
बेरोजगार सुरेश कुमार, सत्यम सिंह, सुरेंद्र प्रसाद का कहना है कि जिला उद्योग केंद्र तथा बैंकों के गैर जिम्मेदाराना रवैए के चलते योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक अशोक कुमार उपाध्याय का कहना है कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत दो माह पूर्व 56 बेरोजगार युवाओं की फाइलें बैंकों को भेजी गई हैं। संबंधित बैंकों से कोई जवाब नहीं मिला है।
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एलडीएम गिरीश चंद्रा का कहना है कि मामले का निपटारा करने के लिए संबंधित शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में उद्योग लगाने के लिए25 लाख रुपये तक ऋण देने की व्यवस्था है। 25 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है। जिला उद्योग केंद्र ने योजना का 106 लक्ष्य रखा गया है। 100 युवाओं ने योजना के तहत आनलाइन आवेदन किया। साक्षात्कार में 56 अभ्यर्थी ही योग्य पाए गए। विभाग की तरफ से 56 बेरोजगार युवाओं की फाइलों को दो माह पूर्व बैंकों को भेज दिया गया। नियम के तहत 15 दिन के अंदर ही बैंकों को स्थलीय सत्यापन कर निपटारा करना होता है। लेकिन अभी तक एक भी बेरोजगार को न तो ऋण मिला और न ही जिला उद्योग केंद्र को वापस की गई। परेशान बेरोजगार जिला उद्योग केंद्र से लेकर बैंकों का चक्कर काट रहे हैं।
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बेरोजगार सुरेश कुमार, सत्यम सिंह, सुरेंद्र प्रसाद का कहना है कि जिला उद्योग केंद्र तथा बैंकों के गैर जिम्मेदाराना रवैए के चलते योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक अशोक कुमार उपाध्याय का कहना है कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत दो माह पूर्व 56 बेरोजगार युवाओं की फाइलें बैंकों को भेजी गई हैं। संबंधित बैंकों से कोई जवाब नहीं मिला है।
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एलडीएम गिरीश चंद्रा का कहना है कि मामले का निपटारा करने के लिए संबंधित शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।