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पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन शताब्दी काय्रक्रम का हुआ समापन
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:03 AM IST
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मऊ। भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंडित दीन् दयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के समापन के अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्त ने पंडित दीनदयाल के विशालकाय मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर वहां उपस्थित अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए गगन भेदी नारे लगाए।
माल्यार्पण के बाद वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं के समूह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुनील गुप्त ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय ज्ञान परंपरा में उत्पन्न युगऋषि थे। वह हमारे दल की विचारधारा के उन्नायक थे। उनका जीवन हम सबके लिए उत्प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक है। उनका विचार भारत भूमि के लिए संजीवनी के समान है। अगर उनके विचार को सभी लोग आत्मसात कर लें तो भारतवर्ष में ऊंच नीच का भेदभाव ही मिट जाएगा। पंडित जी का बचपन संघर्षो से भरा था फिर भी अदम्य इच्छाशक्ति और साहस की बदौलत इन्होंने अपने कर्मो से ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जिससे वह सभी के लिए अनुकरणीय हो गए। आप स्वयंसेवक होने के साथ ही लेखक, पत्रकार, लोकतंत्र के पुरोधा, आर्थिक चिंतक, एकात्म मानववाद के द्रष्टा तथा राष्ट्रीय अखंडता की राजनीति करने वाले महामानव थे।
इस अवसर पर अमरनाथ दुबे, गनेश सिंह, अखिलेश तिवारी, आनंद प्रताप सिंह, प्रवीण गुप्त, अरिजीत सिंह, कृष्ण कान्त राय, रमेश राय, संजय पाण्डेय, अशोक सिंह, मीना अग्रवाल, राजेश सिंह राज, संजीव जायसवाल, राकेश तिवारी, राजीव जौहरी, मृगेंद्र राय, विशाल पाण्डेय, संजय मौर्य, आशुतोष राय आदि तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे। मधुबन संवाददाता के अनुसार तहसील स्थित शहीद इंटर कॉलेज में पं दीनदयाल उपाध्याय की 101 वी जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस मौके पर विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाल कर पंडित दीनदयाल की उपलब्धियों को जन मानस तक पहुंचाया गया। इसके बाद विद्यालय के बच्चे व शिक्षकों ने दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवनी पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पं दीनदयाल उपाध्याय एक प्रखर विचारक और उत्कृष्ट संगठनकर्ता थे। दीनदयाल जी भारत की सनातन विचारधारा को युग के अनुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दिए तथा जीवनपर्यंत अपनी व्यक्तिगत इमानदारी व सत्यनिष्ठा को महत्व दिया। इस मौके पर विद्यालय के अध्यापक श्री वांकेलाल, श्री राम वर्नवाल, प्रज्ञा सिंह, पवन प्रताप, राघवेंद्र यादव, सुनील राज,सुधीर व घनश्याम मल्ल आदि उपस्थित रहे ।
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माल्यार्पण के बाद वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं के समूह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुनील गुप्त ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय ज्ञान परंपरा में उत्पन्न युगऋषि थे। वह हमारे दल की विचारधारा के उन्नायक थे। उनका जीवन हम सबके लिए उत्प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक है। उनका विचार भारत भूमि के लिए संजीवनी के समान है। अगर उनके विचार को सभी लोग आत्मसात कर लें तो भारतवर्ष में ऊंच नीच का भेदभाव ही मिट जाएगा। पंडित जी का बचपन संघर्षो से भरा था फिर भी अदम्य इच्छाशक्ति और साहस की बदौलत इन्होंने अपने कर्मो से ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जिससे वह सभी के लिए अनुकरणीय हो गए। आप स्वयंसेवक होने के साथ ही लेखक, पत्रकार, लोकतंत्र के पुरोधा, आर्थिक चिंतक, एकात्म मानववाद के द्रष्टा तथा राष्ट्रीय अखंडता की राजनीति करने वाले महामानव थे।
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इस अवसर पर अमरनाथ दुबे, गनेश सिंह, अखिलेश तिवारी, आनंद प्रताप सिंह, प्रवीण गुप्त, अरिजीत सिंह, कृष्ण कान्त राय, रमेश राय, संजय पाण्डेय, अशोक सिंह, मीना अग्रवाल, राजेश सिंह राज, संजीव जायसवाल, राकेश तिवारी, राजीव जौहरी, मृगेंद्र राय, विशाल पाण्डेय, संजय मौर्य, आशुतोष राय आदि तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे। मधुबन संवाददाता के अनुसार तहसील स्थित शहीद इंटर कॉलेज में पं दीनदयाल उपाध्याय की 101 वी जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस मौके पर विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाल कर पंडित दीनदयाल की उपलब्धियों को जन मानस तक पहुंचाया गया। इसके बाद विद्यालय के बच्चे व शिक्षकों ने दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवनी पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पं दीनदयाल उपाध्याय एक प्रखर विचारक और उत्कृष्ट संगठनकर्ता थे। दीनदयाल जी भारत की सनातन विचारधारा को युग के अनुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दिए तथा जीवनपर्यंत अपनी व्यक्तिगत इमानदारी व सत्यनिष्ठा को महत्व दिया। इस मौके पर विद्यालय के अध्यापक श्री वांकेलाल, श्री राम वर्नवाल, प्रज्ञा सिंह, पवन प्रताप, राघवेंद्र यादव, सुनील राज,सुधीर व घनश्याम मल्ल आदि उपस्थित रहे ।
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