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कुवंरपुरवा बंधा में कई स्थानों पर रिसाव तीसरे दिन रहा जारी, खतरा बरकरार
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:27 PM IST
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दोहरीघाट/मधुबन। दोहरीघाट में घाघरा के जलस्तर में घटाव जारी रहने के बाद भी खतरा बरकरार है। नदी खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रही है। शवदाह घाट से लेकर खाकि बाबा की कुटी तक करीब 190 मीटर तक नदी बैकरोलिंग कर रही है, जिससे खतरा बढ़ता जा रहा है। नदी की लहरें भारत माता मंदिर तथा शवदाह घाट पर टक्कर मार रही है। कस्बे के तीन मोहल्लों में बाढ़ के पानी के साथ आए कचरे को साफ न कराए जाने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। मधुबन तहसील के मिश्रौली से कुवंरपुरवा बंधा में कई स्थानों पर रिसाव गुरुवार को भी जारी रहा। गजियापुर छावनी के पुलिया के पास रिसाव तेज रहा। पानी का दबाव बढ़ने पर स्थिति भयावह होने की संभावना प्रबल हो गई है।
नदी का जलस्तर जैसे-जैसे घट रहा है। कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है। कभी कटान तेज हो सकती है। गुरुवार को 24 घंटे में घाघरा के जलस्तर में पांच सेमी घटाव दर्ज किया गया। जल स्तर घटने के बावजूद घाघरा खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा के घटने के बावजूद अभी खतरा बरकरार है। क्योंकि अभी भी नगर के ऐतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर अभी भी खतरे की जद में हैं। तटवर्ती इलाके की हजारों एकड़ फसल अभी भी पानी में डूबी हुई है। फसल नष्ट होने की चिंता किसानों को सताने लगी है।
नगर के भगवानपुरा, मल्लाह टोला तथा दलित बस्ती में बाढ़ के पानी के साथ जमा गंदगी की सफाई न होने से मोहल्लेवासी विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो नदी का जल स्तर 70.30 मीटर रहा। बुधवार को 70.35 मीटर रहा। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर है। उधर मधुबन तहसील के मिश्रौली से कुवंरपुरवा बंधा में कई स्थानों पर रिसाव बुधवार को भी जारी रहा। गजियापुर छावनी के पुलिया के पास रिसाव तेज रहा। सिंचाई विभाग के अधिकारी रिसाव को बंद करने का दावा करते रहे।
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मधुबन क्षेत्र के दियारा में दुबारी गजियापुर,कुंवरपुरवा,मोलनापुर और धर्मपुर के अधिकांश पुरवे घाघरा की बाढ़ की चपेट में है।हालांकि अब पानी तेजी से कम होने लगा है लोगों को कुछ गन्ना धान आदि बच जाने की उम्मीद है लेकिन अभी समस्याएं कम नही हुई है। लोग आज भी अपने घरों में कैद होकर रह गए है। तेजी से पानी घटने के कारण पलायन करने वाले लोग अब घरों को जाने लगे है। प्रशासन ने भी थोड़ी राहत की सांस ली है। इसके अलावा बखरिया, सिसवा, कुंवर पुरवा, गजियापुर, मोलनापुर, चक्की मुसाडोही आदि गांवों की हजारों एकड़ धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, सब्जियों आदि की फसल बर्बाद हो गई है। जिससे किसान दुगुनी मार झेलने को मजबूर है। पहले लागत लगाकर बुवाई की बाद में बाढ़ ने उसे लील लिया। ऐसी स्थिति में किसान परेशान है। सपा नेता चंद्रमणि यादव अल्ताफ अंसारी ,पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र साधु, पूर्व प्रत्याशी राजेन्द्र मिश्रा, रामायन यादव, जे पी कन्नौजिया, मुसाफिर यादव, कल्पनाथ यादव, हरिंदर यादव आदि बाढ़ पीड़ितों को आवास व फसल का मुआवजा देने की सरकार से मांग की है।
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नदी का जलस्तर जैसे-जैसे घट रहा है। कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है। कभी कटान तेज हो सकती है। गुरुवार को 24 घंटे में घाघरा के जलस्तर में पांच सेमी घटाव दर्ज किया गया। जल स्तर घटने के बावजूद घाघरा खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा के घटने के बावजूद अभी खतरा बरकरार है। क्योंकि अभी भी नगर के ऐतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर अभी भी खतरे की जद में हैं। तटवर्ती इलाके की हजारों एकड़ फसल अभी भी पानी में डूबी हुई है। फसल नष्ट होने की चिंता किसानों को सताने लगी है।
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नगर के भगवानपुरा, मल्लाह टोला तथा दलित बस्ती में बाढ़ के पानी के साथ जमा गंदगी की सफाई न होने से मोहल्लेवासी विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो नदी का जल स्तर 70.30 मीटर रहा। बुधवार को 70.35 मीटर रहा। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर है। उधर मधुबन तहसील के मिश्रौली से कुवंरपुरवा बंधा में कई स्थानों पर रिसाव बुधवार को भी जारी रहा। गजियापुर छावनी के पुलिया के पास रिसाव तेज रहा। सिंचाई विभाग के अधिकारी रिसाव को बंद करने का दावा करते रहे।
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मधुबन क्षेत्र के दियारा में दुबारी गजियापुर,कुंवरपुरवा,मोलनापुर और धर्मपुर के अधिकांश पुरवे घाघरा की बाढ़ की चपेट में है।हालांकि अब पानी तेजी से कम होने लगा है लोगों को कुछ गन्ना धान आदि बच जाने की उम्मीद है लेकिन अभी समस्याएं कम नही हुई है। लोग आज भी अपने घरों में कैद होकर रह गए है। तेजी से पानी घटने के कारण पलायन करने वाले लोग अब घरों को जाने लगे है। प्रशासन ने भी थोड़ी राहत की सांस ली है। इसके अलावा बखरिया, सिसवा, कुंवर पुरवा, गजियापुर, मोलनापुर, चक्की मुसाडोही आदि गांवों की हजारों एकड़ धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, सब्जियों आदि की फसल बर्बाद हो गई है। जिससे किसान दुगुनी मार झेलने को मजबूर है। पहले लागत लगाकर बुवाई की बाद में बाढ़ ने उसे लील लिया। ऐसी स्थिति में किसान परेशान है। सपा नेता चंद्रमणि यादव अल्ताफ अंसारी ,पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र साधु, पूर्व प्रत्याशी राजेन्द्र मिश्रा, रामायन यादव, जे पी कन्नौजिया, मुसाफिर यादव, कल्पनाथ यादव, हरिंदर यादव आदि बाढ़ पीड़ितों को आवास व फसल का मुआवजा देने की सरकार से मांग की है।