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गुणवतायुक्त बीजों से उत्पादन क्षमता में होता है बढ़ोतरी
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बढुआगोदाम। कुशमौर स्थित भारतीय बीज विज्ञान संस्थान परिसर में शुक्रवार की शाम एक दिवसीय ‘बीज उद्यमिता से कृषि विकास विषय’ पर कृषि मेले का आयोजन किया गया। मेले में मऊ, गाजीपुर और बलिया जिले से करीब 500 किसानों ने भाग लिया।
मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि विशेष कार्याधिकारी बीज कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय रायचूर कर्नाटक के डॉ. बसावे गौडा द्वारा दीप जलाकर किया गया। कार्यक्रम में भारतीय बीज विज्ञान संस्थान कुशमौर के कार्यकारी निदेशक डॉ. दिनेश कुमार अग्रवाल ने संस्थान के उपलब्धियों एवं कृषकों के लिए चलाई जा रही परियोजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। बताया कि गुणवत्तायुक्त बीजों से कृषक अपनी आय, रोजगार एवं उत्पादन में वृद्धि कर सकता है। साथ ही भारत सरकार द्वारा प्रायोजित कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से संस्थान द्वारा चलाये जा रहे गुणवत्ता बीज उत्पादक प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। वहीं सहायक निदेशक मत्स्य राजेंद्र सिंह विष्ट ने मछली पालन से संबंधित सरकारी योजनाओं के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। वहीं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने खेती में गुणवत्तायुक्त बीज और सूक्ष्मजीवों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए संस्थान द्वारा विकसित कल्चर्स और लिक्विड फार्मुलेशन की उपयोगिता केबारे में किसानों को बताया। जबकि डॉ. वीपी सिंह ने मृदा स्वास्थ्य के महत्व के बारे में किसानों को जागरूक किया। भारतीय बीज विज्ञान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डा. ए.के. सिन्हा द्वारा कृषि के विभिन्न आयामों यथा कृषि फसलों में बीज उत्पादन पर अपने व्याख्यान दिये। मेले में पल्स सीड हब एवं रिवाल्विंग फण्ड स्कीम के अंन्तर्गत गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन करने वाले मऊ जनपद के 12 किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
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मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि विशेष कार्याधिकारी बीज कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय रायचूर कर्नाटक के डॉ. बसावे गौडा द्वारा दीप जलाकर किया गया। कार्यक्रम में भारतीय बीज विज्ञान संस्थान कुशमौर के कार्यकारी निदेशक डॉ. दिनेश कुमार अग्रवाल ने संस्थान के उपलब्धियों एवं कृषकों के लिए चलाई जा रही परियोजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। बताया कि गुणवत्तायुक्त बीजों से कृषक अपनी आय, रोजगार एवं उत्पादन में वृद्धि कर सकता है। साथ ही भारत सरकार द्वारा प्रायोजित कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से संस्थान द्वारा चलाये जा रहे गुणवत्ता बीज उत्पादक प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। वहीं सहायक निदेशक मत्स्य राजेंद्र सिंह विष्ट ने मछली पालन से संबंधित सरकारी योजनाओं के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। वहीं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने खेती में गुणवत्तायुक्त बीज और सूक्ष्मजीवों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए संस्थान द्वारा विकसित कल्चर्स और लिक्विड फार्मुलेशन की उपयोगिता केबारे में किसानों को बताया। जबकि डॉ. वीपी सिंह ने मृदा स्वास्थ्य के महत्व के बारे में किसानों को जागरूक किया। भारतीय बीज विज्ञान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डा. ए.के. सिन्हा द्वारा कृषि के विभिन्न आयामों यथा कृषि फसलों में बीज उत्पादन पर अपने व्याख्यान दिये। मेले में पल्स सीड हब एवं रिवाल्विंग फण्ड स्कीम के अंन्तर्गत गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन करने वाले मऊ जनपद के 12 किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
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