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पांच दिनों से दस हजार की आबादी अंधेरे में
Updated Mon, 16 Apr 2018 12:04 AM IST
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मधुबन। थाना क्षेत्र के चार गांवों की लगभग दस हजार आबादी पिछले पांच दिनों से अंधेरे में रहने को विवश है। चार दिन पहले आई आंधी में गांव के बाहर बिजली के तीन खंभे गिर जाने के बाद लकुरा, परशुरामपुर, करनपुर और छपरा धूसर समेत चार गांव इससे प्रभावित हो गए हैं। इससे बिजली से संबंधित सभी सामान शोपीस बनकर रह गए हैं। चार दिनों में विभाग द्वारा अभी खंभे भी नहीं लगाए जा सके है। जिसके कारण लोगों को अंधेरे में रातें बितानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने अविलंब बिजली बहाल करने की मांग की है।
थाना क्षेत्र के ग्रामसभा लकुरा,परशुरामपुर,छपरा धूसर और करनपुर आदि गांवों को पलिया सब स्टेशन से बिजली मिलती है। गत बुधवार को क्षेत्र में आंधी आई थी, जिससे इन गांवों में जाने वाले बिजली के तीन पोल टूटकर गिर गए थे। बिजली विभाग की निष्क्रियता का आलम यह है कि चार दिन बीतने के बाद भी अब तक खंभा लगाने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं किया जा सका है। गांव में सारे लघु उद्योग धंधे तो बंद है ही साथ में गर्मी में प्रयोग होने वाली चीजें फ्रिज, कूलर, पंखा आदि शो पीस बनकर रह गए है। मच्छरों का प्रकोप इतना है कि आम गरीब मच्छरों के कारण रात जागकर बिता रहा है। यहां तक कि लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी दूसरे गांवों का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव के बीरेंद्र प्रजापति, पूर्व प्रधान उदयशंकर मल्ल, पप्पू मल्ल, वासुकी मल्ल, रामसेवक मल्ल, अश्वनी मल्ल, सुरेश चंद आदि ने अविलंब बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में एसडीओ मधुबन मनोज ने बताया कि जिन सामानों की आवश्यकता है उसका इस्टीमेट भेजा गया है, जल्दी ही स्टोर से सामान लेकर कार्य कराकर बिजली बहाल करने की व्यवस्था की जाएगी।
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थाना क्षेत्र के ग्रामसभा लकुरा,परशुरामपुर,छपरा धूसर और करनपुर आदि गांवों को पलिया सब स्टेशन से बिजली मिलती है। गत बुधवार को क्षेत्र में आंधी आई थी, जिससे इन गांवों में जाने वाले बिजली के तीन पोल टूटकर गिर गए थे। बिजली विभाग की निष्क्रियता का आलम यह है कि चार दिन बीतने के बाद भी अब तक खंभा लगाने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं किया जा सका है। गांव में सारे लघु उद्योग धंधे तो बंद है ही साथ में गर्मी में प्रयोग होने वाली चीजें फ्रिज, कूलर, पंखा आदि शो पीस बनकर रह गए है। मच्छरों का प्रकोप इतना है कि आम गरीब मच्छरों के कारण रात जागकर बिता रहा है। यहां तक कि लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी दूसरे गांवों का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव के बीरेंद्र प्रजापति, पूर्व प्रधान उदयशंकर मल्ल, पप्पू मल्ल, वासुकी मल्ल, रामसेवक मल्ल, अश्वनी मल्ल, सुरेश चंद आदि ने अविलंब बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में एसडीओ मधुबन मनोज ने बताया कि जिन सामानों की आवश्यकता है उसका इस्टीमेट भेजा गया है, जल्दी ही स्टोर से सामान लेकर कार्य कराकर बिजली बहाल करने की व्यवस्था की जाएगी।
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