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पुलिस और परिजन थक हारकर बंद कर चुके हैं घाघरा में तलाश
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:10 PM IST
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दोहरीघाट। गोरखपुर के बड़हलगंज और मऊ के दोहरीघाट को घाघरा नदी पर जोड़ने वाला पुल इन दिनों सुसाइट जोन का रुप अख्तियार कर लिया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक पखवारे के अंदर आत्महत्या करने के लिए इस पुल से पांच लोगों को घाघरा में छलांग लगाई है। और सभी को घाघरा निगल गई। नदी में कूदनें वालों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस के साथ पीड़ित परिवारीजन थक हारकर शवों की तलाश करना बंद कर दिए हैं। स्थल को सुसाइट जोन बनने से रोकने के लिए लोगों ने यहां पर जाली लगाने की मांग किया।
बताते चले घोसी कोतवाली क्षेत्र के सरयां गांव निवासी एक प्रेमी युगल 16 अक्टूबर को दोहरीघाट पुल से घाघरा में छलांग लगा दिए थे। इसके ठीक एक दिन बाद 17 अक्टूबर को एक महिला स्कूटी से आई और उसने भी घाघरा में छलांग लगा दी। इसकी पहचान गोरखपुर जनपद के गगहा गांव निवासी के रूप में हुई थी। पुलिस और परिजन कई दिनों तक इनके शवों की तलाश में लगे रहे लेकिन उनका नामोनिशान नहीं मिला। वहीं गत 24 सितंबर को मऊ मुख्यालय के रहने वाले एक प्रेमी युगल घाघरा में छलांग लगा दिया था। जिसका अभी तक पता नहीं लग पाया है। घाघरा पुल से बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है।
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बताते चले घोसी कोतवाली क्षेत्र के सरयां गांव निवासी एक प्रेमी युगल 16 अक्टूबर को दोहरीघाट पुल से घाघरा में छलांग लगा दिए थे। इसके ठीक एक दिन बाद 17 अक्टूबर को एक महिला स्कूटी से आई और उसने भी घाघरा में छलांग लगा दी। इसकी पहचान गोरखपुर जनपद के गगहा गांव निवासी के रूप में हुई थी। पुलिस और परिजन कई दिनों तक इनके शवों की तलाश में लगे रहे लेकिन उनका नामोनिशान नहीं मिला। वहीं गत 24 सितंबर को मऊ मुख्यालय के रहने वाले एक प्रेमी युगल घाघरा में छलांग लगा दिया था। जिसका अभी तक पता नहीं लग पाया है। घाघरा पुल से बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है।
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