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दवा की दूकानों से समाप्त की जाए फार्मासिस्टों की अनिवार्यता
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:08 PM IST
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मऊ। उत्तर प्रदेश वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष भगवान दास गुप्ता के नेतृत्व में दवा व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल भाजपा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा से लखनऊ स्थित आवास पर मिलकर चार पृष्ठों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद वापस लौटने के बाद सोमवार को दवा व्यापारियों की बैठक नगर के सिंधी कालोनी स्थित संगठन के कार्यालय पर हुई।
इस मौके पर वैश्य समाज के जिला महामंत्री तथा दवा व्यवसायी गोपाल कृष्ण बरनवाल ने कहा कि जिले में लगभग 1200 थोक और फुटकर दवा व्यापारी अंग्रेजों के जमाने के काले कानून के कारण प्रताड़ित किए जा रहे हैं। कहा कि इस काले कानून को समाप्त करते हुए दवा विक्रय लाइसेंस देने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए छह माह का प्रशिक्षण भारत के मंत्रालय कौशल विकास मिशन के तहत किया जाए। कहा कि भाजपा सांसद ने फार्मासिस्टों की अनिवार्यता की समस्या से प्रधानमंत्री को अवगत कराकर निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर भगवान दास गुप्ता, विजय गुप्ता, राजकृष्ण दास अग्रवाल, कौशल अग्रवाल आदि शामिल रहे।
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इस मौके पर वैश्य समाज के जिला महामंत्री तथा दवा व्यवसायी गोपाल कृष्ण बरनवाल ने कहा कि जिले में लगभग 1200 थोक और फुटकर दवा व्यापारी अंग्रेजों के जमाने के काले कानून के कारण प्रताड़ित किए जा रहे हैं। कहा कि इस काले कानून को समाप्त करते हुए दवा विक्रय लाइसेंस देने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए छह माह का प्रशिक्षण भारत के मंत्रालय कौशल विकास मिशन के तहत किया जाए। कहा कि भाजपा सांसद ने फार्मासिस्टों की अनिवार्यता की समस्या से प्रधानमंत्री को अवगत कराकर निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर भगवान दास गुप्ता, विजय गुप्ता, राजकृष्ण दास अग्रवाल, कौशल अग्रवाल आदि शामिल रहे।
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