{"_id":"59c94b0a4f1c1bd8538b4649","slug":"121506364170-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीएस के बाद भी बैंक की तरह सेवा देने में डाकघर पीछे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीबीएस के बाद भी बैंक की तरह सेवा देने में डाकघर पीछे
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। सीबीएस पोस्ट आफिस जनपद में मुख्य डाकघर के अलावा उप डाकघरों को सीबीएस किया गया है। लेकिन इनका लाभ उपभोक्ताओं को बैंकों की तर्ज पर पूर्ण रूप से लाभ नहीं मिल रहा है। यही नहीं पहले की तरह फास्ट सुविधा भी नहीं रही। पहले जहां लोगों को एक ही दिन में किसान विकास पत्र सहित अन्य सुविधाएं एक दिन में ही मिल जाती थी वहीं अब ऑनलाइन होने के साथ खाता खुलवाने में तीन से चार दिन का समय लग जा रहा है। एटीएम की सुविधा भी अभी सभी उपडाकघरों में नहीं है शिवाय मुख्य डाकघर को छोड़कर। इसके चलते अभी यह बैंकों की तर्ज पर अपने उपभोक्ताओं को बैंकिंग सुविधा नहीं दे पा रहा है।
जिले में मुख्य डाकघर के अलावा कुल 24 उप डाक घर संचालित हैं। पिछले एक साल से सभी डाकघरों को आनलाइन किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी जो अब पूर्ण हो चुकी है। वर्तमान समय में सभी डाकघर कम्प्यूटरीकृत हो गए और सभी कामकाज भी ऑनलाइन होने लगा है। लेकिन पूर्व की भांति उपभोक्ताओं को अब समय की बचत नहीं हो पाती है। उपभोक्ता दिनेश कुमार कहते हैं कि पहले जहां एनएससी खरीदने के लिए डाकघर में चंद समय ही लगता था वहीं अब पहले खाता खोलवाने, उसमें पैसा जमा कराने फिर खाते से ही किसान विकास पत्र खरीदने में कई दिन का समय लग जा रहा है। किसानों के लिए तो यह एक झंझट के समान लग रहा है। दूसरी समस्या आनलाइन बैंकिंग की सुविधा होने के बाद अन्य बैंकों से इसका अभी तक न जुड़ना है। अभी फिलहाल एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ही एक दूसरे के खाते से पैसा का स्थानांतरण हो जाता है वह भी लिमिट के साथ। महज 25 हजार रुपये तक ही ट्रांजक्शन किया जाता है। उपभोक्ताओं को आने वाली अन्य समस्या यह है कि डाकघर के एटीएम भी अधिक संख्या में नहीं लगे हैं। इससे भी उपभोक्ता चाहते हैं तो वह डाकघरों से अपना लेनदेन करें लेकिन हर प्रकार की सुविधा उन्हें अभी नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में मुख्य डाक घर के पोस्टमास्टर शिवनायक यादव का कहना है कि डाकघरों के सीबीएस हो जाने के चलते लोगों को सुविधाएं बढ़ेगी। वर्तमान समय में कुछ कभी तकनीकी समस्या तो अभी पूरी तरह सभी सुविधाएं न उपलब्ध हो पाने के चलते कुछ समस्याएं हैं लेकिन निकट भविष्य में इसे और भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
जिले में मुख्य डाकघर के अलावा कुल 24 उप डाक घर संचालित हैं। पिछले एक साल से सभी डाकघरों को आनलाइन किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी जो अब पूर्ण हो चुकी है। वर्तमान समय में सभी डाकघर कम्प्यूटरीकृत हो गए और सभी कामकाज भी ऑनलाइन होने लगा है। लेकिन पूर्व की भांति उपभोक्ताओं को अब समय की बचत नहीं हो पाती है। उपभोक्ता दिनेश कुमार कहते हैं कि पहले जहां एनएससी खरीदने के लिए डाकघर में चंद समय ही लगता था वहीं अब पहले खाता खोलवाने, उसमें पैसा जमा कराने फिर खाते से ही किसान विकास पत्र खरीदने में कई दिन का समय लग जा रहा है। किसानों के लिए तो यह एक झंझट के समान लग रहा है। दूसरी समस्या आनलाइन बैंकिंग की सुविधा होने के बाद अन्य बैंकों से इसका अभी तक न जुड़ना है। अभी फिलहाल एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ही एक दूसरे के खाते से पैसा का स्थानांतरण हो जाता है वह भी लिमिट के साथ। महज 25 हजार रुपये तक ही ट्रांजक्शन किया जाता है। उपभोक्ताओं को आने वाली अन्य समस्या यह है कि डाकघर के एटीएम भी अधिक संख्या में नहीं लगे हैं। इससे भी उपभोक्ता चाहते हैं तो वह डाकघरों से अपना लेनदेन करें लेकिन हर प्रकार की सुविधा उन्हें अभी नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में मुख्य डाक घर के पोस्टमास्टर शिवनायक यादव का कहना है कि डाकघरों के सीबीएस हो जाने के चलते लोगों को सुविधाएं बढ़ेगी। वर्तमान समय में कुछ कभी तकनीकी समस्या तो अभी पूरी तरह सभी सुविधाएं न उपलब्ध हो पाने के चलते कुछ समस्याएं हैं लेकिन निकट भविष्य में इसे और भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन