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गोपनीय तरीसे कोटेदार के चयन का आरीप
Updated Mon, 25 Jun 2018 11:28 PM IST
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तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा जजौली में बिना मुनादी कराए गोपनीय तरीके से कोटे की दुकान चयन करने की तिथि से नाराज ग्रामीण सोमवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने एसडीएम निरंकार सिंह को गांव के कोटे की दुकान की पूरी प्रक्रिया कराकर चयन कराने की मांग करते हुए ग्रामप्रधान और सेक्रेटरी पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
जजौली गांव की कोटे की दुकान 2011 में गांव के सचितानंद मल्ल की पत्नी उर्मिला मल्ल के नाम से थी। लेकिन उसी साल पंचायत चुनाव में सचितानंद मल्ल ग्राम प्रधान चुन लिए गए तो नियमानुसार उन्होंने कोटे की दुकान से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद से पिछले कई सालों से पूर्ति विभाग ने दुकान को सात किमी दूर दूसरे गांव के नत्थूपुर दुकान से संबद्ध कर दिया। इस समस्या को देखते हुए वर्तमान समय मे नए ग्राम प्रधान द्वारा गांव में नए कोटेदार का चयन किया जा रहा है। लेकिन गांव वालों की शिकायत है कि ग्राम प्रधान की ओर से कोटे की दुकान के बिना मुनादी और बैठक किए ही गोपनीय तरीके से 27 जून को कोटेदार की चयन की बैठक आयोजित कर दी गई।
इसकी जानकारी होने पर नाराज ग्रामीण सोमवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम निरंकार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कोटे की दुकान के लिए मुनादी और बैठक आयोजित करने के बाद निर्धारित तिथि के बजाए दूसरी तिथि पर गांव के प्राथमिक विद्यालय पर बैठक आयोजित करने की मांग की। जिससे सभी गांव में सर्वसम्मति से कोटदार का चयन हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में सचितानंद मल्ल, राजीव मल्ल, अरविंद कुमार, धर्मवीर मल्ल, ओ पी मल्ल, संजय, जितेंद्र तिवारी, राजेश्वरी, आलोक तिवारी, सावित्री मल्ल, कुसुम ग्रामीण मौजूद रहे।
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जजौली गांव की कोटे की दुकान 2011 में गांव के सचितानंद मल्ल की पत्नी उर्मिला मल्ल के नाम से थी। लेकिन उसी साल पंचायत चुनाव में सचितानंद मल्ल ग्राम प्रधान चुन लिए गए तो नियमानुसार उन्होंने कोटे की दुकान से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद से पिछले कई सालों से पूर्ति विभाग ने दुकान को सात किमी दूर दूसरे गांव के नत्थूपुर दुकान से संबद्ध कर दिया। इस समस्या को देखते हुए वर्तमान समय मे नए ग्राम प्रधान द्वारा गांव में नए कोटेदार का चयन किया जा रहा है। लेकिन गांव वालों की शिकायत है कि ग्राम प्रधान की ओर से कोटे की दुकान के बिना मुनादी और बैठक किए ही गोपनीय तरीके से 27 जून को कोटेदार की चयन की बैठक आयोजित कर दी गई।
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इसकी जानकारी होने पर नाराज ग्रामीण सोमवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम निरंकार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कोटे की दुकान के लिए मुनादी और बैठक आयोजित करने के बाद निर्धारित तिथि के बजाए दूसरी तिथि पर गांव के प्राथमिक विद्यालय पर बैठक आयोजित करने की मांग की। जिससे सभी गांव में सर्वसम्मति से कोटदार का चयन हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में सचितानंद मल्ल, राजीव मल्ल, अरविंद कुमार, धर्मवीर मल्ल, ओ पी मल्ल, संजय, जितेंद्र तिवारी, राजेश्वरी, आलोक तिवारी, सावित्री मल्ल, कुसुम ग्रामीण मौजूद रहे।
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