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मंडी शुल्क तुरंत समाप्त करे प्रदेश सरकार
Updated Mon, 20 Nov 2017 11:22 PM IST
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मऊ। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की बैठक सोमवार को नगर के अलाउद्दीनपुरा स्थित संगठन के कार्यालय पर हुई। इसमें जीएसटी लागू होने के बाद भी प्रदेश सरकार की तरफ से ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क वसूले जाने पर नाराजगी प्रकट की गई। साथ ही जिला मुख्यालय आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से सभी जगह एक टैक्स जीएसटी ही लगने की बात कही गई थी, लेकिन अब प्रदेश सरकार की तरफ से व्यापारियों से ढाई प्रतिशत अलग से मंडी शुल्क वसूला जा रहा है यह समझ में नहीं आ रहा है। कपड़ा व्यापार पर लगने वाले पांच प्रतिशत जीएसटी को समाप्त किया जाए। इसी क्रम में प्रदेश संगठन मंत्री आनंद ओमर ने कहा कि जीएसटी के रिटर्न दाखिल करने में व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल किया जाए। कहा कि जीएसटी में व्यापारियों को जेल भेजे जाने जैसे काले कानून को तुरंत समाप्त किया जाए। दोहरीघाट के अध्यक्ष शिवकुमार जायसवाल, घोसी के अध्यक्ष राजीव रस्तोगी ने जीएसटी में शामिल कई वस्तुओं के टैक्स दर घटाने का स्वागत करते हुए सीमेंट, पेंट आदि के टैक्स दर में भी कमी करने की मांग की। जिला मंत्री सुरेश कल्यानिया ने कहा कि व्यापारियों को हक तथा अधिकार दिलाने के लिए अंतिम दम तक संघर्ष किया जाएगा। इस दौरान शफीक डायमंड, जगदीश गुप्ता, अमृत लाल जायसवाल, मुश्ताक अहमद, फतेहबहादुर गुप्त, स्वतंत्र कुमार, ओमकार गुप्ता, कैलाश प्रसाद गुप्ता, प्रभुनाथ सिंह, विष्णु लाल श्रीवास्तव, रामजन्म यादव आदि उपस्थित रहे।
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बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से सभी जगह एक टैक्स जीएसटी ही लगने की बात कही गई थी, लेकिन अब प्रदेश सरकार की तरफ से व्यापारियों से ढाई प्रतिशत अलग से मंडी शुल्क वसूला जा रहा है यह समझ में नहीं आ रहा है। कपड़ा व्यापार पर लगने वाले पांच प्रतिशत जीएसटी को समाप्त किया जाए। इसी क्रम में प्रदेश संगठन मंत्री आनंद ओमर ने कहा कि जीएसटी के रिटर्न दाखिल करने में व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल किया जाए। कहा कि जीएसटी में व्यापारियों को जेल भेजे जाने जैसे काले कानून को तुरंत समाप्त किया जाए। दोहरीघाट के अध्यक्ष शिवकुमार जायसवाल, घोसी के अध्यक्ष राजीव रस्तोगी ने जीएसटी में शामिल कई वस्तुओं के टैक्स दर घटाने का स्वागत करते हुए सीमेंट, पेंट आदि के टैक्स दर में भी कमी करने की मांग की। जिला मंत्री सुरेश कल्यानिया ने कहा कि व्यापारियों को हक तथा अधिकार दिलाने के लिए अंतिम दम तक संघर्ष किया जाएगा। इस दौरान शफीक डायमंड, जगदीश गुप्ता, अमृत लाल जायसवाल, मुश्ताक अहमद, फतेहबहादुर गुप्त, स्वतंत्र कुमार, ओमकार गुप्ता, कैलाश प्रसाद गुप्ता, प्रभुनाथ सिंह, विष्णु लाल श्रीवास्तव, रामजन्म यादव आदि उपस्थित रहे।
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