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घाघरा नदी में सूरजपुर के पास कटान होने से मचा हड़कंप
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:50 PM IST
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सूरजपुर। दोहरीघाट ब्लाक और मधुबन तहसील क्षेत्र के सूरजपुर क्षेत्र में बीते कई दिनों से हिलोरे मारने के बाद घाघरा में तटवर्ती जमीन समा गई। घाघरा में अचानक कटान शुरू होने से क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग काफी भयभीत हैं।
बताते चले आमतौर पर बाढ़ कम होने पर घाघरा में कटान होती है। लेकिन इस समय नदी तीन दिन के अंदर करीब बीस मीटर कटान कर पूरे टीले को अपने अंदर समाहित कर ली। घाघरा नदी में सूरजपुर आबादी के पास कटान होने की जानकारी होने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। नदी का जलस्तर बढा होने के चलते हिलोर मार रही धारा हर समय कटान कर रही है, लेकिन स्थानीय प्रशासन मौन साधे हुए है। बीते दस दिनों से नदी की धारा लगातार में उतार चढ़ाव लोगों देखा। इसके बाद कटान होने से लोगों में भय समा गया। कटान का रुख सूरजपुर से नाथ बाबा की कुटी और राम जानकी मंदिर की तरफ है। नदी के मौजूदा तेवर को देखकर लोग भयभीत है।
क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी रमेश यादव ने कहा कि नदी चंद दिनों के अंदर भीषण कटान कर बीस मीटर से भी अधिक आबदी की तरफ बढ़ी है। बोले नदी की धारा का रूख दक्षिण की तरफ होने के बाद कटान से भीषण तबाही की संभावना को बल मिल गया है। उधर प्रशासन की तरफ से पूरी तरह लापरवाही बरती जा रही है। राम जानकी मंदिर के पास मे ही नदी गहरी खाई का रूप ले चुकी है जिसमे खतरे के बीच छठ पर्व को मनाया गया। किसी प्रकार की कोई सुरक्षा नही किया जा सका। ऐसे मे तटवर्तीय इलाकों के बच्चो के साथ जानवरों के लिए भी हर समय खतरे की घंटी बज रही है। कुल मिलाकर आबादी की तरफ बढ़ रही कटान से ग्रामीण भयभीत हैं। इस संबंध में संपर्क करने पर एसडीएम मधुबन सुरेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि उन्हें कटान के बारे में कोई जानकारी नहीं है। नही किसी ने इसकी सूचना दिया। वैसे अब पता चला है देखवाता हूं।
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बताते चले आमतौर पर बाढ़ कम होने पर घाघरा में कटान होती है। लेकिन इस समय नदी तीन दिन के अंदर करीब बीस मीटर कटान कर पूरे टीले को अपने अंदर समाहित कर ली। घाघरा नदी में सूरजपुर आबादी के पास कटान होने की जानकारी होने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। नदी का जलस्तर बढा होने के चलते हिलोर मार रही धारा हर समय कटान कर रही है, लेकिन स्थानीय प्रशासन मौन साधे हुए है। बीते दस दिनों से नदी की धारा लगातार में उतार चढ़ाव लोगों देखा। इसके बाद कटान होने से लोगों में भय समा गया। कटान का रुख सूरजपुर से नाथ बाबा की कुटी और राम जानकी मंदिर की तरफ है। नदी के मौजूदा तेवर को देखकर लोग भयभीत है।
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क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी रमेश यादव ने कहा कि नदी चंद दिनों के अंदर भीषण कटान कर बीस मीटर से भी अधिक आबदी की तरफ बढ़ी है। बोले नदी की धारा का रूख दक्षिण की तरफ होने के बाद कटान से भीषण तबाही की संभावना को बल मिल गया है। उधर प्रशासन की तरफ से पूरी तरह लापरवाही बरती जा रही है। राम जानकी मंदिर के पास मे ही नदी गहरी खाई का रूप ले चुकी है जिसमे खतरे के बीच छठ पर्व को मनाया गया। किसी प्रकार की कोई सुरक्षा नही किया जा सका। ऐसे मे तटवर्तीय इलाकों के बच्चो के साथ जानवरों के लिए भी हर समय खतरे की घंटी बज रही है। कुल मिलाकर आबादी की तरफ बढ़ रही कटान से ग्रामीण भयभीत हैं। इस संबंध में संपर्क करने पर एसडीएम मधुबन सुरेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि उन्हें कटान के बारे में कोई जानकारी नहीं है। नही किसी ने इसकी सूचना दिया। वैसे अब पता चला है देखवाता हूं।
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