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Mau News: नाटे और दुबले बच्चों वाले 100 आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा चयन
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मऊ। संभव अभियान 5.0 स्टंटिंग (नाटापन) प्रबंधन के तहत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। 2030 तक बच्चों में नाटा और दुबला होने की दर में कमी लाने के लिए 100 आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान की जाएगी। इसके लिए नोडल नियुक्त करके वॉर रूम से निगरानी होगी।
इस दिशा में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में नाटे की दर को 40 फीसदी तक घटाने दुबला की दर को पांच फीसदी से कम करने का लक्ष्य प्रस्तावित है। साथ ही विकास लक्ष्य-3.2 के तहत नवजात शिशु मृत्यु दर को प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 12 से कम और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर को प्रति 1000 जीवित जन्म पर 25 से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
संभव अभियान के पांचवे चरण में एक जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक ये कार्यक्रम चलाया जाएगा। सबसे अधिक नाटापन वाले शीर्ष 100 आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि जिला पोषण समिति और बैठकों में सुधार को लेकर काम किया जाएगा। गांवों में पोषण पाठशाला का आयोजन करके नाटापन की पहचान, कारण, प्रभाव और रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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इस दिशा में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में नाटे की दर को 40 फीसदी तक घटाने दुबला की दर को पांच फीसदी से कम करने का लक्ष्य प्रस्तावित है। साथ ही विकास लक्ष्य-3.2 के तहत नवजात शिशु मृत्यु दर को प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 12 से कम और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर को प्रति 1000 जीवित जन्म पर 25 से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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संभव अभियान के पांचवे चरण में एक जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक ये कार्यक्रम चलाया जाएगा। सबसे अधिक नाटापन वाले शीर्ष 100 आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि जिला पोषण समिति और बैठकों में सुधार को लेकर काम किया जाएगा। गांवों में पोषण पाठशाला का आयोजन करके नाटापन की पहचान, कारण, प्रभाव और रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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