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Mau News: जुलाई के 10 दिन बीते, सिर्फ 24 प्रतिशत हो पाई धान की रोपाई
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मऊ/मधुबन। जिले में जुलाई में मानसून आम लोगों के लिए चिंता का सबब बना है। बारिश न होने से किसानों को चिंता सताने लगी हैं। मौसम का रुख देखकर रोपाई की गति धीमी हो गई है। अभी तक 24 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है। जिले मेें 81 हजार 854 हेक्टेयर धान की बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जुलाई का 10 दिन बीतने के बाद भी धान की रोपाई मात्र 24 प्रतिशत हो पाई है। दिन में तेज धूप रहने से धान की रोपाई की गति धीमी हो गई है।
जिन किसानों ने निजी संसाधनों से रोपाई करा भी दिया है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल मुरझाने लगी है। आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई तक अभी तक 57 मिमी बारिश हुई है। जबकि गत वर्ष जुलाई तक 191 मिमी बारिश हुई थी। बारिश की राह देख रहे किसान पंपिंगसेट के सहारे इस उम्मीद पर धान की रोपाई कर रहे हैं कि देर सवेर जोरदार बारिश होगी। लेकिन अब तक उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जिले में सामान्य बारिश का औसत 526 मिमी है। लेकिन बीते कई सालों से जनपद में कम बारिश हो रही है।
वर्ष 2024 में पूरे सीजन में यहां 445.7 मिमी बारिश हुई थी। उसी तरह 2023 में 320 तो 2022 में 443 मिमी बारिश हुई थी। इस साल भी अब तक यहां हुई बारिश के पैटर्न को देखकर लगता है कि शायद ही मानसून सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा छू सके। बीते साल जून में केवल 17 मिमी बारिश हुई थी। जबकि इस साल जून महीना में 33 मिली बारिश हुई है। जुलाई में भी निराशा हाथ लगी है। इस संबंध में क्षेत्र के राम बदन, जय प्रकाश यादव, उमाशंकर, श्रीराम राजभर का कहना है कि बिना बारिश के धान की अच्छी उपज की कल्पना करना बेमानी है। अच्छी पैदावार के लिए अच्छी बारिश का होना जरूरी है। इसके चलते धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्त का कहना है कि किसानों को निराश होने की जरूरत नहीं है। बारिश की संभावना है।
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जिन किसानों ने निजी संसाधनों से रोपाई करा भी दिया है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल मुरझाने लगी है। आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई तक अभी तक 57 मिमी बारिश हुई है। जबकि गत वर्ष जुलाई तक 191 मिमी बारिश हुई थी। बारिश की राह देख रहे किसान पंपिंगसेट के सहारे इस उम्मीद पर धान की रोपाई कर रहे हैं कि देर सवेर जोरदार बारिश होगी। लेकिन अब तक उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जिले में सामान्य बारिश का औसत 526 मिमी है। लेकिन बीते कई सालों से जनपद में कम बारिश हो रही है।
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वर्ष 2024 में पूरे सीजन में यहां 445.7 मिमी बारिश हुई थी। उसी तरह 2023 में 320 तो 2022 में 443 मिमी बारिश हुई थी। इस साल भी अब तक यहां हुई बारिश के पैटर्न को देखकर लगता है कि शायद ही मानसून सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा छू सके। बीते साल जून में केवल 17 मिमी बारिश हुई थी। जबकि इस साल जून महीना में 33 मिली बारिश हुई है। जुलाई में भी निराशा हाथ लगी है। इस संबंध में क्षेत्र के राम बदन, जय प्रकाश यादव, उमाशंकर, श्रीराम राजभर का कहना है कि बिना बारिश के धान की अच्छी उपज की कल्पना करना बेमानी है। अच्छी पैदावार के लिए अच्छी बारिश का होना जरूरी है। इसके चलते धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्त का कहना है कि किसानों को निराश होने की जरूरत नहीं है। बारिश की संभावना है।
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