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नाबालिग से दुष्कर्म में युवक को २० वर्ष की सजा
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मथुरा। तीन वर्ष पूर्व पांच वर्षीय बालिका से दुष्कर्म करने वाले युवक को अदालत ने २० वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जमानत पर चल रहे युवक को अदालत ने निर्णय सुनाने के बाद जेल भेज दिया।
घटना ५ फरवरी २०१८ को मांट थाना क्षेत्र के एक गांव की है। पांच वर्षीय बालिका की मां उसे अपनी दादी के पास छोड़कर बुआ के घर दूसरे गांव गई थी। कुछ देर बाद करीब ६२ वर्षीय वृद्ध दादी नजदीक की दुकान से सामान लेने के लिए बालिका को पड़ोसी युवक सूरज के पास छोड़कर चली गई। जब दादी लौट कर आई तो सूरज बालिका को बदहवास हालत में अपने घर से लेकर आया। पूछने पर बताया कि उसे उल्टियां आ रही हैं। घर जाकर जब बालिका की मां ने उल्टी की दवा दी तो बालिका ने मां को बताया कि सूरज ने उसके साथ दुष्कर्म किया है ।
अगले दिन ६ फरवरी को बालिका की मां ने थाना मांट में सूरज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। केस की सुनवाई अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अमर सिंह की अदालत में हुई। शासन की ओर से पैरवी करते एडीजीसी क्रिमिनल सुभाष चंद्र चतुर्वेदी व विशेष लोक अभियोजक रामपाल सिंह ने की। उनकी ओर से केस में कुल ८ लोगों की गवाही कराई गई।
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न्यायाधीश ने शुक्रवार को निर्णय देते हुए अभियुक्त सूरज को २० वर्ष का कठोर कारावास तथा एक लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई। एडीजीसी ने बताया कि अदालत ने अभियुक्त की ओर से अर्थदंड जमा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
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घटना ५ फरवरी २०१८ को मांट थाना क्षेत्र के एक गांव की है। पांच वर्षीय बालिका की मां उसे अपनी दादी के पास छोड़कर बुआ के घर दूसरे गांव गई थी। कुछ देर बाद करीब ६२ वर्षीय वृद्ध दादी नजदीक की दुकान से सामान लेने के लिए बालिका को पड़ोसी युवक सूरज के पास छोड़कर चली गई। जब दादी लौट कर आई तो सूरज बालिका को बदहवास हालत में अपने घर से लेकर आया। पूछने पर बताया कि उसे उल्टियां आ रही हैं। घर जाकर जब बालिका की मां ने उल्टी की दवा दी तो बालिका ने मां को बताया कि सूरज ने उसके साथ दुष्कर्म किया है ।
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अगले दिन ६ फरवरी को बालिका की मां ने थाना मांट में सूरज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। केस की सुनवाई अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अमर सिंह की अदालत में हुई। शासन की ओर से पैरवी करते एडीजीसी क्रिमिनल सुभाष चंद्र चतुर्वेदी व विशेष लोक अभियोजक रामपाल सिंह ने की। उनकी ओर से केस में कुल ८ लोगों की गवाही कराई गई।
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न्यायाधीश ने शुक्रवार को निर्णय देते हुए अभियुक्त सूरज को २० वर्ष का कठोर कारावास तथा एक लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई। एडीजीसी ने बताया कि अदालत ने अभियुक्त की ओर से अर्थदंड जमा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।