{"_id":"62d8413ce3ccde051e05a422","slug":"youth-dies-due-to-electrocution-in-factory-mathura-news-mtr5211227127","type":"story","status":"publish","title_hn":"कारखाने में करंट से युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कारखाने में करंट से युवक की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। शहर के घीयामंडी में मंगलवार देर शाम फर्नीचर का काम करने गए एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इस बीच उसके छोटे भाई को कारखाना मालिक ने दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। जब शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया तब इसकी सूचना परिजनों को दी गई। इससे उनमें आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि चांदी सफाई कारखाने के मालिक के दबाव में पुलिस ने उनकी सही रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की।
जानकारी के अनुसारशहर कोतवाली के घीयामंडी में एक चांदी सफाई का कारखाना है। वहां पर फर्नीचर का काम करने थाना गोविंदनगर के वृंदावन गेट पुलिस चौकी की छीपी धर्मशाला में रहने वाला गिरीश (44) अपने छोटे भाई मोनू के साथ गया था। शाम लगभग चार बजे गिरीश को अचानक करंट लग गया। इससे वह अचेत हो गया।
इस दौरान कारखाना मालिक ने उसके छोटे भाई मोनू को एक कमरे में बंद कर दिया और अचेत अवस्था में गिरीश को लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित तक दिया। इसके कई घंटे बाद परिजनों को इसकी जानकारी दी। पोस्टमार्टम हाउस में भाई सोनू ने बताया कि कारखाना मालिक ने परिजनों को समय से सूचना नहीं दी। उनके एक भाई को बंधक बनाए रखा।
विज्ञापन
इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने जब वह भरतपुरगेट पुलिस चौकी पहुंचे तो पुलिस ने कारखाना मालिक का पक्षपात करते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से भी घटना की शिकायत की है। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसारशहर कोतवाली के घीयामंडी में एक चांदी सफाई का कारखाना है। वहां पर फर्नीचर का काम करने थाना गोविंदनगर के वृंदावन गेट पुलिस चौकी की छीपी धर्मशाला में रहने वाला गिरीश (44) अपने छोटे भाई मोनू के साथ गया था। शाम लगभग चार बजे गिरीश को अचानक करंट लग गया। इससे वह अचेत हो गया।
विज्ञापन
इस दौरान कारखाना मालिक ने उसके छोटे भाई मोनू को एक कमरे में बंद कर दिया और अचेत अवस्था में गिरीश को लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित तक दिया। इसके कई घंटे बाद परिजनों को इसकी जानकारी दी। पोस्टमार्टम हाउस में भाई सोनू ने बताया कि कारखाना मालिक ने परिजनों को समय से सूचना नहीं दी। उनके एक भाई को बंधक बनाए रखा।
विज्ञापन
इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने जब वह भरतपुरगेट पुलिस चौकी पहुंचे तो पुलिस ने कारखाना मालिक का पक्षपात करते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से भी घटना की शिकायत की है। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।