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यमुना भक्त करेंगे एनजीटी के फैसले का इंतजार

Sat, 21 Nov 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो, अमर उजला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजला मथुरा Updated Sat, 21 Nov 2015 11:53 PM IST
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yamuna muktikarn abhiyan in braj yatra
राधारानी ब्रज यात्रा के सतोहा पड़ाव पर यमुना मुक्तिकरण अभियान की बैठक हुई। इसमें अभियान से जुड़े संत और पदाधिकारियों ने यमुना प्रदूषण को लेकर चल रहे अभियान में अब तक की प्रगति पर चर्चा की।
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शनिवार को ब्रज यात्रा के सतोहा पड़ाव पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता गीता मनीषी ज्ञानानंद की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान अब तक की सभी गतिविधियों पर चर्चा करते हुए सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि यमुना को प्रदूषण मुक्त व यमुना में प्रवाहित होने वाले प्राकृतिक जल को लेकर सरकार की पहल पर एनजीटी का निर्णय शीघ्र आने वाला है।
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इसका इंतजार किया जाए। यह निर्णय यमुना भक्तों की भावनाओं के अनुकूल रहा तो इस आंदोलन की बड़ी जीत होगी। यदि विपरीत रहा तो फिर से वृहद स्तर पर निर्णायक और अंतिम आंदोलन किया जाएगा।
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बैठक मे ज्ञानानंद महाराज ने अब तक की गतिविधियों में केन्द्रीय जल मंत्री उमा भारती से हुई मुलाकात में कहा है कि सरकार किसी भी कीमत पर यमुना जी में गंदा पानी नहीं गिरने देगी। इस दिशा में सरकार तेजी से कार्य भी कर रही है।

इसके अलावा संत ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि स्थानीय स्तर पर मथुरा वृंदावन मे यमुना जी को स्वच्छ करने के लिये एक वृहद आंदोलन की आवश्यकता है। अभियान के राष्ट्रीय संरक्षक पंकज बाबा ने कहा कि प्राकृतिक जल को प्रवाहित कराना ही उनके जीवन का मुख्य ध्येय है।

यमुना आंदोलन के प्रणेता संत रमेश बाबा ने कहा कि सरकार आध्यात्मिक नही हैं, इसीलिए वह यमुना जी की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दे रही। बाबा ने कहा कि सरकार अपने दृष्टिकोण को आध्यात्मिक बनाए, उसी से भारत वर्ष का कल्याण होगा।

 अंत मे रमेश बाबा ने ऐलान करते हुए कहा कि यदि सरकार ने यमुना भक्तों की मांगे शीघ्र पूरी नहीं की तो फिर वो स्वयं अनशन पर बैठेंगे।

फूलडोल दास महाराज ने कहा कि संत किसी पार्टी या दल के साथ नहीं हैं, जो धर्म और संस्कृति के लिए कार्य करेगा संत भी उन्हीं के साथ हैं। दो घंटे तक चली इस बैठक मे वृंदावन के स्वामी आदित्यानंद महाराज, हरिबोल बाबा, गोपेश बाबा, नृसिंह दास महाराज, ब्रजराज शरण, माध्वीशरण, सत्यभान शर्मा, राधा कांत शास्त्री, राधाप्रिय, श्याम चतुर्वेदी, हरेश ठेनुआ, पंकज शास्त्री, पंकज चतुर्वेदी आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।

बैठक में डा. रामजीलाल शास्त्री ने आभार व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी सुशील गोस्वामी ने बताया कि आगामी 25 नवंबर को गिरिराज जी की तलहटी आन्यौर मे यात्रा के पड़ाव पर एक बार पुन: यमुना आंदोलन चेतना बैठक होगी।

ताल वन से चलकर सतोहा पहुंची राधारानी ब्रज यात्रा फोटो
 मथुरा ब्यूरो। परिक्रमा मार्ग की लीला स्थलियों में कुमुदवन, उस्फार, ऊंचा गांव, नोगांव होते हुए सतोहा में ब्रज यात्रियों ने कुमुदवन के रमणीय सरोवर में आचमन स्नान कर अपने को कृतार्थ किया।

इस बीच बाल साध्वी श्रीजी शर्मा ने कुमुदवन की कथा कहते हुए बताया कि समस्त तीर्थ ब्रज में निवास करना चाहते थे। उनको श्रीकृष्ण ने निवास प्रदान किया। यहां कुमुदवन मे गंगासागर को निवास मिला। कुमुदपुष्पों का यहां बाहुल्य था। कपिल भगवान की मूर्ति एवं महाप्रभु बलभाचार्य जी की बैठक भी यहां है।


इस तरह नांचते-गाते व स्थल महात्म्य श्रवण करते आनंद के साथ ब्रजयात्रा का 28 वां दिन पूरा किया। भागवताचार्य श्रीजी शर्मा ने कहा कि इन लीला स्थलियों के दर्शन सौभाग्य से मिलते हैं। ये देव दुर्लभ हैं।
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