{"_id":"64b590267052f2f6060c30b4","slug":"yamuna-is-worshiping-at-the-rates-of-faith-mathura-news-c-29-1-agr1017-105988-2023-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: आस्था के दरों पर यमुना कर रही चरणवंदना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: आस्था के दरों पर यमुना कर रही चरणवंदना
विज्ञापन
मथुरा-वृंदावन। आस्था के दरों पर यमुना महारानी चरणवंदना कर रही है। मथुरा-वृंदावन के अधिकतर मठ-मंदिर व घाटों को यमुना के पानी ने चपेट में ले लिया है। अब श्रद्धालुओं का यहां आगमन बंद हो चुका है।
रविवार को मदन मोहन मंदिर के पास नाव चलने के बाद सोमवार को शक्ति पीठ मां कात्यायनी मंदिर परिसर में पानी घुस गया। उधर, महावन स्थित विख्यात रमणरेती आश्रम में तीन फुट तक पानी पहुंच गया है। मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया है।
बांके बिहारी मंदिर से पानी 100-150 मीटर ही दूर रह गया है। जलस्तर में वृद्धि पर अंकुश नहीं लगा तो मंदिर को जाने वाला मार्ग भी अवरुद्ध हो जाएगा। गुरुकुल विश्वविद्यालय के पीछे बनी कॉलोनियों में तीन फुट तक पानी पहुंच गया है। खादर के इलाके तो पहले ही जलमग्न हो गए थे और जलस्तर मकानों की छत तक पहुंचने लगा है। .
विज्ञापन
सोमवार को नगर निगम चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित कात्यायनी मंदिर के बाहर और परिसर में पानी पहुंच गया। मंदिर के बगल में बड़ा खटला आश्रम को जाने वाला मार्ग पानी के कारण अवरुद्ध हो गया है। गौरानगर के परिक्रमा मार्ग से लगते हिस्सों में पानी भर गया। ठाकुर राधावल्लभ मंदिर के पीछे वाले गेट पर तीन से चार फुट तक पानी भर गया है, जो अठखम्भा तक जा पहुंचा है। यहां से बांकेबिहारी मंदिर की दूरी 100 से 150 मीटर है।
अगले 24 घंटे और पानी बढ़ा तो मंदिर मार्ग पर अवरुद्ध हो सकता है। इससे पहले 1978 की बाढ़ में दाऊजी मंदिर तिराहा से विद्यापीठ चौराहा मार्ग पर नाव चलने लगी थी। ज्ञानगुदड़ी क्षेत्र में आश्रम और मंदिरों तक यमुना के पहुंचने पर ठाकुरजी को नाव या अन्य किसी साधन से डोला में बिठाकर बाहर लाया गया और पूजा की गई। वारहघाट से कालीदह और पानीघाट पर रविवार के मुकाबले जलस्तर बढ़ा। पुराने घाटों को डूबाकर यमुना का पानी कॉलोनियों में घुस गया है। जहां कम पानी है और घरों तक नहीं घुसा है, वे लोग अभी घर में ही ही रुके हुए हैं, लेकिन जहां घरों में पानी घुस गया है, वे जरूरी सामान लेकर निकल रहे हैं।
रमणरेती आश्रम जलमग्न, गोशाला से गायों को निकाला
महावन। गोकुल बैराज पर यमुना में लगातार बढ़ते जलस्तर से गोकुल व आसपास के क्षेत्रों में पानी भर चुका है। सोमवार को महावन स्थित रमणरेती आश्रम में लगभग 3 फुट तक पानी भर गया। आश्रम में स्थित गोशाला से गोवंशों को निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। पानी आश्रम में बनी कुटियों, गोशाला के चारों तरफ, भंडार गृह व रसोई में भर चुका है। आश्रम में प्रवेश करने वाले रास्ते रुक गए हैं। आश्रम के व्यवस्थापक हर देवानंद महाराज जी ने बताया कि समय के रहते अन्नपूर्णा भंडार व सभी आवश्यक वस्तुओं व सामान को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। कुछ निचले इलाके में जहां पानी भरा है वहां की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है और कुछ स्थानों पर विद्युत आपूर्ति चालू है। आश्रम के मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। उधर, मुरलीधर घाट पर पानी में लगातार वृद्धि होती जा रही है। गोकुल बैराज की तरफ से आने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। गोकुल के अंदर नंद चौक जाने वाले रास्ते पर पानी भर चुका है और आवागमन पूरी तरह बंद है। ब्रह्मांड घाट जाने वाले रास्ते पर यमुना का पानी आ चुका है। आसपास ज्वार और बाजरा की फसल में पानी भर चुका है। चिंताहरण मंदिर जाने वाले रास्ते को पुलिस द्वारा बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया है।
मांट-पानीगांव मार्ग पर जलभराव, आवागमन बंद
मांट। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से मांट-पानीगांव मार्ग पर पानी आ गया है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से रोड पर आवागमन बाधित हो गया है। पानी अधिक आने से एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने रास्ते को बंद कर दिया है। मार्ग पर दो से तीन फीट तक पानी है। पानी का बहाव इतना तेज है कि कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए है। जगह-जगह सड़क का कटाव हो गया है।
राधारानी मंदिर में पानी भरा: यमुना का पानी आने से राधारानी मंदिर में जलभराव हो गया है। श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर दर्शनों के लिए जा रहे है। प्रशासन ने एहतियात के लिए मानसरोवर कुंड में स्नान करने पर रोक लगा दी है।
दो युवक डूबे, एक की मौत
वृंदावन। खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना में सोमवार को दो युवक डूब गए। इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे को बचा लिया गया इससे पहले रविवार को पानीघाट चौराहा के पास 25 वर्षीय जीतू डूबकर मर गया था। सोमवार को गांव राजपुर निवासी दो युवक पक्के पुल के समीप यमुना में स्नान के दौरान डूब गए। मनोज पुत्र धर्मपाल चौधरी, दुर्गेश सैनी पुत्र राजू सैनी यमुना में स्नान के लिए उतरे थे और पानी के तेज वेग में बह गए। गोताखोरों ने दोनों को निकाला, लेकिन मनोज की मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
रविवार को मदन मोहन मंदिर के पास नाव चलने के बाद सोमवार को शक्ति पीठ मां कात्यायनी मंदिर परिसर में पानी घुस गया। उधर, महावन स्थित विख्यात रमणरेती आश्रम में तीन फुट तक पानी पहुंच गया है। मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया है।
विज्ञापन
बांके बिहारी मंदिर से पानी 100-150 मीटर ही दूर रह गया है। जलस्तर में वृद्धि पर अंकुश नहीं लगा तो मंदिर को जाने वाला मार्ग भी अवरुद्ध हो जाएगा। गुरुकुल विश्वविद्यालय के पीछे बनी कॉलोनियों में तीन फुट तक पानी पहुंच गया है। खादर के इलाके तो पहले ही जलमग्न हो गए थे और जलस्तर मकानों की छत तक पहुंचने लगा है। .
विज्ञापन
सोमवार को नगर निगम चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित कात्यायनी मंदिर के बाहर और परिसर में पानी पहुंच गया। मंदिर के बगल में बड़ा खटला आश्रम को जाने वाला मार्ग पानी के कारण अवरुद्ध हो गया है। गौरानगर के परिक्रमा मार्ग से लगते हिस्सों में पानी भर गया। ठाकुर राधावल्लभ मंदिर के पीछे वाले गेट पर तीन से चार फुट तक पानी भर गया है, जो अठखम्भा तक जा पहुंचा है। यहां से बांकेबिहारी मंदिर की दूरी 100 से 150 मीटर है।
अगले 24 घंटे और पानी बढ़ा तो मंदिर मार्ग पर अवरुद्ध हो सकता है। इससे पहले 1978 की बाढ़ में दाऊजी मंदिर तिराहा से विद्यापीठ चौराहा मार्ग पर नाव चलने लगी थी। ज्ञानगुदड़ी क्षेत्र में आश्रम और मंदिरों तक यमुना के पहुंचने पर ठाकुरजी को नाव या अन्य किसी साधन से डोला में बिठाकर बाहर लाया गया और पूजा की गई। वारहघाट से कालीदह और पानीघाट पर रविवार के मुकाबले जलस्तर बढ़ा। पुराने घाटों को डूबाकर यमुना का पानी कॉलोनियों में घुस गया है। जहां कम पानी है और घरों तक नहीं घुसा है, वे लोग अभी घर में ही ही रुके हुए हैं, लेकिन जहां घरों में पानी घुस गया है, वे जरूरी सामान लेकर निकल रहे हैं।
रमणरेती आश्रम जलमग्न, गोशाला से गायों को निकाला
महावन। गोकुल बैराज पर यमुना में लगातार बढ़ते जलस्तर से गोकुल व आसपास के क्षेत्रों में पानी भर चुका है। सोमवार को महावन स्थित रमणरेती आश्रम में लगभग 3 फुट तक पानी भर गया। आश्रम में स्थित गोशाला से गोवंशों को निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। पानी आश्रम में बनी कुटियों, गोशाला के चारों तरफ, भंडार गृह व रसोई में भर चुका है। आश्रम में प्रवेश करने वाले रास्ते रुक गए हैं। आश्रम के व्यवस्थापक हर देवानंद महाराज जी ने बताया कि समय के रहते अन्नपूर्णा भंडार व सभी आवश्यक वस्तुओं व सामान को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। कुछ निचले इलाके में जहां पानी भरा है वहां की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है और कुछ स्थानों पर विद्युत आपूर्ति चालू है। आश्रम के मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। उधर, मुरलीधर घाट पर पानी में लगातार वृद्धि होती जा रही है। गोकुल बैराज की तरफ से आने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। गोकुल के अंदर नंद चौक जाने वाले रास्ते पर पानी भर चुका है और आवागमन पूरी तरह बंद है। ब्रह्मांड घाट जाने वाले रास्ते पर यमुना का पानी आ चुका है। आसपास ज्वार और बाजरा की फसल में पानी भर चुका है। चिंताहरण मंदिर जाने वाले रास्ते को पुलिस द्वारा बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया है।
मांट-पानीगांव मार्ग पर जलभराव, आवागमन बंद
मांट। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से मांट-पानीगांव मार्ग पर पानी आ गया है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से रोड पर आवागमन बाधित हो गया है। पानी अधिक आने से एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने रास्ते को बंद कर दिया है। मार्ग पर दो से तीन फीट तक पानी है। पानी का बहाव इतना तेज है कि कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए है। जगह-जगह सड़क का कटाव हो गया है।
राधारानी मंदिर में पानी भरा: यमुना का पानी आने से राधारानी मंदिर में जलभराव हो गया है। श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर दर्शनों के लिए जा रहे है। प्रशासन ने एहतियात के लिए मानसरोवर कुंड में स्नान करने पर रोक लगा दी है।
दो युवक डूबे, एक की मौत
वृंदावन। खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना में सोमवार को दो युवक डूब गए। इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे को बचा लिया गया इससे पहले रविवार को पानीघाट चौराहा के पास 25 वर्षीय जीतू डूबकर मर गया था। सोमवार को गांव राजपुर निवासी दो युवक पक्के पुल के समीप यमुना में स्नान के दौरान डूब गए। मनोज पुत्र धर्मपाल चौधरी, दुर्गेश सैनी पुत्र राजू सैनी यमुना में स्नान के लिए उतरे थे और पानी के तेज वेग में बह गए। गोताखोरों ने दोनों को निकाला, लेकिन मनोज की मौत हो चुकी थी।