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एक्सईएन हाथरस करेंगे फर्जी रजिस्ट्रेेशन की जांच
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 09 Apr 2016 11:30 PM IST
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- फोटो : demo pic
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ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) में कार्यरत आशुलिपिक के रिश्तेदार की फर्म के फर्जी रजिस्ट्रेेशन की जांच अब एक्सईएन हाथरस करेंगे। यह जांच बरेली से हाथरस स्थानांतरित की गई है।
बता दें कि आरईएस मथुरा में कार्यरत आशुलिपिक मुकेश गोयल पर आरोप है कि उन्होंने कई महत्वपूर्ण पटलों का कार्यभार हासिल करने के लिए सांसद हेमामालिनी की कथित सिफारिश का सहारा लिया था।
इतना ही नहीं, अपने रिश्तेदार की फर्म ‘आकाश दीप’ का विभाग में प्रथम श्रेणी रजिस्ट्रेशन के लिए एक्सईएन एमके शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर भी किए और इसी आधार पर आकाश दीप के रजिस्ट्रेशन की फाइल चीफ इंजीनियर को भेज दी गई।
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मामला संज्ञान में आने पर मुकेश गोयल को निलंबित कर दिया गया। मुकेश ने हाईकोर्ट की शरण ली। इस पर कोर्ट ने विभागीय जांच कराने के बाद कार्रवाई के आदेश दिए।
मुख्यालय स्तर से मामले की जांच आरईएस बरेली के अधीक्षण अभियंता को दी गई थी लेकिन अब इसे एक्सईएन हाथरस को हस्तांतरित कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में आशुलिपिक मुकेश गोयल मथुरा कार्यालय में बगैर किसी पटल के संबद्ध हैं।
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बता दें कि आरईएस मथुरा में कार्यरत आशुलिपिक मुकेश गोयल पर आरोप है कि उन्होंने कई महत्वपूर्ण पटलों का कार्यभार हासिल करने के लिए सांसद हेमामालिनी की कथित सिफारिश का सहारा लिया था।
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इतना ही नहीं, अपने रिश्तेदार की फर्म ‘आकाश दीप’ का विभाग में प्रथम श्रेणी रजिस्ट्रेशन के लिए एक्सईएन एमके शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर भी किए और इसी आधार पर आकाश दीप के रजिस्ट्रेशन की फाइल चीफ इंजीनियर को भेज दी गई।
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मामला संज्ञान में आने पर मुकेश गोयल को निलंबित कर दिया गया। मुकेश ने हाईकोर्ट की शरण ली। इस पर कोर्ट ने विभागीय जांच कराने के बाद कार्रवाई के आदेश दिए।
मुख्यालय स्तर से मामले की जांच आरईएस बरेली के अधीक्षण अभियंता को दी गई थी लेकिन अब इसे एक्सईएन हाथरस को हस्तांतरित कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में आशुलिपिक मुकेश गोयल मथुरा कार्यालय में बगैर किसी पटल के संबद्ध हैं।