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Mathura News: चली पुरवाई तो उड़द और मूंग पर आफत आई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 May 2025 12:51 AM IST
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When the easterly wind blew, Urad and Moong were in trouble
मथुरा। मूंग की फसल में लगी सूड़ी (लाल घेरे में) । - फोटो : mathura
मथुरा। पुरवाई चलने से इस समय जायद की उड़द और मूंग की फसल में सुंडी व कीट का प्रकोप बढ़ा है। सुंडी के प्रकोप से फसल सूख रही है। इस समस्या से किसान परेशान हैं। सुंडी से बचाव के लिए किसानों को महीने में दो बार कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ रहा है।
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जिले में जायद फसल में मूंग की 23 हजार हेक्टेयर और उड़द की 40 हेक्टेयर में बुवाई की गई है। पुरवाई चलने से फसल में सुंडी और कीट का प्रकोप लगने लगा है। बार-बार कीटनाशक का छिड़काव करने से फसल की लागत भी बढ़ती जा रही है।
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कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों फसलों में कीट का प्रकोप लगने की किसानों ने जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि कृषि रक्षा इकाई पर सुंडी और कीट से बचाव के लिए कीटनाशक दवा उपलब्ध है, किसान हर ब्लॉक स्तर पर इकाई पर पहुंचकर छि़ड़काव के लिए दवा ले सकते हैं। अभी कीट लगने की शुरुआत है ऐसे में किसान पहले से ही दवा का प्रयोग करके इसको नष्ट कर सकते हैं। 5 से 10 फीसदी तक कीट लगने से उत्पादन में असर पड़ सकता है।
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मांट के किसान रामदीन, दिनेश, रामगोपाल ने बताया कि उड़द व मूंग की फसल खड़ी हुई है, अधिकांश फसल में सुंडी लग रही है। यह सुंड़ी रात की नमी में आकर पौधे से लिपटी रहती है और पौधे का रस चूस कर उसे सुखा देती है।

इस कीटनाशक का करें प्रयोग
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उड़द और मूंग में सुंडी के नियंत्रण के लिए रसायन क्यूनालफॉस 25 प्रति ईसी की मात्रा 600 एमएल मात्र प्रति एकड़ 200 से 400 लीटर पानी के साथ स्पे करें। इसके अलावा रसायन मैलाथियान 50 प्रति ईसी की एक लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 600 से 800 लीटर पानी के साथ प्रयोग करें।


वर्जन
उड़द और मूंग की फसल में सुंडी लगने की जानकारी किसानों ने दी है। पुरवाई से खेतों में नमी है जबकि पछुआ चलने से सुंडी अपने आप नष्ट हो जाती है। जरूरी है कि फसल पर पूरा ध्यान दिया जाए और समय पर छिड़काव किसान करे।
- सुबोध कुमार, जिला कृ़षि रक्षा अधिकारी
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