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Mathura News: गेहूं खरीद पूरी, सरकार की झोली 69 फीसदी खाली
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मथुरा। कृषि मंडी में खुला गेहूं खरीद केंद्र।
- फोटो : mathura
मथुरा। सरकार के अफसरों के सुस्त रवैये के कारण सरकारी खरीद केंद्र चार सालों में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं कर सके। इस बार सरकार की झोली 69 फीसदी खाली रही। जिले को लक्ष्य 46500 एमटी दिया था। इसके सापेक्ष केवल 14785 एमटी ही गेहूं की खरीद हुई। किसानों का सारा गेहूं आढ़तियों ने खरीद लिया।
इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपये क्विंटल रखा गया था। जिले में 86 केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 15 जून तक खरीद हुई। गेहूं खरीद के लिए विपणन विभाग से जुड़े अधिकारी तो भागदौड़ पूरी कर रहे थे, इसके बाद भी जिले में सिर्फ 31.80 फीसदी ही गेहूं की खरीद हो पाई है। विभाग के अधिकारी गेहूं खरीद के लक्ष्य से कोसों दूर हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आढ़तियों के यहां एमएसपी डेढ़ से दो सौ रुपये ज्यादा था।
इसलिए किसान आढ़तियों के यहां पर गेहूं बेचने पहुंचे। जिले के 10 ब्लॉकों में 1.88 लाख हेक्टेयर भूमि में किसानों ने गेहूं की फसल की थी। फसल पक जाने के बाद किसानों ने गेहूं खरीद केंद्रों व मंडी में आढ़तियों के यहां पर फसल बिक्री की। वहीं, जिले में गेहूं खरीद कम करने वाले 30 से अधिक गेहूं खरीद केंद्र प्रभारियों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए थे फिर भी यह सफल नहीं हुए।
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चार साल में कभी नहीं छू पाए लक्ष्य
विपणन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2022-23 में 90 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष केवल 105 एमटी गेहूं की खरीद हुई। 2023-24 में इसी लक्ष्य के सापेक्ष केवल 2937 एमटी गेहूं की खरीद केंद्रों पर हो सकी। 2024-25 में 90 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 11477 एमटी गेहूं की खरीद हुई। इस साल जिले में 46500 मीट्रिक टन का लक्ष्य सरकार ने रखा था इसके सापेक्ष केवल 14785 एमटी ही खरीद हो सकी।
सभी गेहूं खरीद केंद्रों पर 15 जून तक गेहूं की खरीद की गई है। इस बार लक्ष्य के सापेक्ष 31.80 फीसदी गेहूं की खरीद हुई है। - संतोष कुमार यादव, डिप्टी आरएमओ
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इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपये क्विंटल रखा गया था। जिले में 86 केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 15 जून तक खरीद हुई। गेहूं खरीद के लिए विपणन विभाग से जुड़े अधिकारी तो भागदौड़ पूरी कर रहे थे, इसके बाद भी जिले में सिर्फ 31.80 फीसदी ही गेहूं की खरीद हो पाई है। विभाग के अधिकारी गेहूं खरीद के लक्ष्य से कोसों दूर हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आढ़तियों के यहां एमएसपी डेढ़ से दो सौ रुपये ज्यादा था।
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इसलिए किसान आढ़तियों के यहां पर गेहूं बेचने पहुंचे। जिले के 10 ब्लॉकों में 1.88 लाख हेक्टेयर भूमि में किसानों ने गेहूं की फसल की थी। फसल पक जाने के बाद किसानों ने गेहूं खरीद केंद्रों व मंडी में आढ़तियों के यहां पर फसल बिक्री की। वहीं, जिले में गेहूं खरीद कम करने वाले 30 से अधिक गेहूं खरीद केंद्र प्रभारियों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए थे फिर भी यह सफल नहीं हुए।
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चार साल में कभी नहीं छू पाए लक्ष्य
विपणन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2022-23 में 90 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष केवल 105 एमटी गेहूं की खरीद हुई। 2023-24 में इसी लक्ष्य के सापेक्ष केवल 2937 एमटी गेहूं की खरीद केंद्रों पर हो सकी। 2024-25 में 90 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 11477 एमटी गेहूं की खरीद हुई। इस साल जिले में 46500 मीट्रिक टन का लक्ष्य सरकार ने रखा था इसके सापेक्ष केवल 14785 एमटी ही खरीद हो सकी।
सभी गेहूं खरीद केंद्रों पर 15 जून तक गेहूं की खरीद की गई है। इस बार लक्ष्य के सापेक्ष 31.80 फीसदी गेहूं की खरीद हुई है। - संतोष कुमार यादव, डिप्टी आरएमओ