{"_id":"68c4771b4e0ec2545a062f72","slug":"water-level-started-decreasing-food-grains-got-destroyed-at-some-places-and-houses-got-dilapidated-at-other-places-mathura-news-c-369-1-sagr1038-135867-2025-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: घटने लगा जलस्तर, कहीं अनाज तबाह तो कहीं मकान हुए जर्जर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: घटने लगा जलस्तर, कहीं अनाज तबाह तो कहीं मकान हुए जर्जर
विज्ञापन
मथुरा। दुकान के बाहर फैली पड़ी गंदगी व ग्राहकों के इंतजार में बैठा दुकानदार।
- फोटो : mathura
मथुरा। बाढ़ अब धीरे-धीरे उतर रही है, लेकिन बर्बादी के निशान देखकर लोगों के अंदर दुखों का सैलाब उमड़ता जा रहा है। कहीं मकान जर्जर हैं तो कहीं घर का सारा अनाज और सामान बर्बाद हो गया है। बाढ़ ने सैकड़ों परिवारों को जो जख्म दिए हैं, उन्हें सूखने में लंबा वक्त लगेगा। शुक्रवार को यमुना का जलस्तर 24 घंटे में 38 सेंटीमीटर घटकर 166.34 मीटर पर आ गया है।
यमुना में आई बाढ़ के चलते आधा सैकड़ा से अधिक गांवों के साथ ही वृंदावन और मथुरा की दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां भी चपेट में आ गईं थीं। इसमें मथुरा के जयसिंहपुर, तिवारीपुरम, ईसापुर और हंसगंज, शांति आश्रम समेत कुछ क्षेत्रों में तो पांच से आठ फीट तक पानी भर गया था। लोग अपने परिवार की जान बचाने के लिए घरों को छोड़कर चले गए थे।मंगलवार से यमुना में जलस्तर घटा तो कॉलोनियों में भी पानी उतरने लगा।
शुक्रवार को जब लोग अपने घरों की तरफ लौटे तो देखा कि पानी तो उतर गया है, लेकिन उनकी जिंदगी भर की मेहनत की कमाई अपने साथ बहा ले गया। घरों में रखा अनाज व भूसा सड़ गया है तो वहीं अन्य सामान भी घरों में पानी भरने से बर्बाद हो गया है। अयोध्या नगर निवासी महेंद्र बताते हैं कि पाई-पाई जोड़कर उन्होंने मकान खड़ा किया था। बाढ़ ने उनसे छत भी छीन ली। कल तक जो मकान उनकी खुशियों का पता था वह अब खंडहर है। ईसापुर में भी जलभराव से मकानों में दरारें आ गईं हैं। इससे लोगों को खतरा सता रहा है।
विज्ञापन
राहत कार्य जारी
एडीएम एफआर डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि जहां स्थितियां अभी खराब हैं, वहां राहत और बचाव कार्य जारी है। लोगों लगातार खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। हालांकि लगातार जलस्तर घटने से राहत है। इसके साथ ही हथिनीकुंड से 21516 क्यूसेक, ओखला से 33739 क्यूसेक और मथुरा के गोकुल बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। शनिवार दोपहर तक यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 166 मीटर तक पहुंचने की संभावना है।
कांग्रेसियों ने वृंदावन में बांटी राहत सामग्री
इधर, शुक्रवार को कांग्रेसियों ने वृंदावन खादर में बाढ़ पीड़ितों को खाद्य सामग्री बांटी। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने बताया कि केसीघाट, केशव कुंज, पानीगांव, खादर एवं यमुनापार के ईसापुर, हसगंज, बिशनगंज एवं रसखान नगरी समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। इस दौरान पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम वाल्मिकी, वैद्य मनोज, अप्रतिम सक्सेना, महेश चौबे, अजीम शाह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं, पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र कुमार अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री बांटी। इस दौरान उमाशंकर, रमाशंकर, चौधरी शहीद, मुन्नी देवी किशन सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
यमुना में आई बाढ़ के चलते आधा सैकड़ा से अधिक गांवों के साथ ही वृंदावन और मथुरा की दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां भी चपेट में आ गईं थीं। इसमें मथुरा के जयसिंहपुर, तिवारीपुरम, ईसापुर और हंसगंज, शांति आश्रम समेत कुछ क्षेत्रों में तो पांच से आठ फीट तक पानी भर गया था। लोग अपने परिवार की जान बचाने के लिए घरों को छोड़कर चले गए थे।मंगलवार से यमुना में जलस्तर घटा तो कॉलोनियों में भी पानी उतरने लगा।
विज्ञापन
शुक्रवार को जब लोग अपने घरों की तरफ लौटे तो देखा कि पानी तो उतर गया है, लेकिन उनकी जिंदगी भर की मेहनत की कमाई अपने साथ बहा ले गया। घरों में रखा अनाज व भूसा सड़ गया है तो वहीं अन्य सामान भी घरों में पानी भरने से बर्बाद हो गया है। अयोध्या नगर निवासी महेंद्र बताते हैं कि पाई-पाई जोड़कर उन्होंने मकान खड़ा किया था। बाढ़ ने उनसे छत भी छीन ली। कल तक जो मकान उनकी खुशियों का पता था वह अब खंडहर है। ईसापुर में भी जलभराव से मकानों में दरारें आ गईं हैं। इससे लोगों को खतरा सता रहा है।
विज्ञापन
राहत कार्य जारी
एडीएम एफआर डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि जहां स्थितियां अभी खराब हैं, वहां राहत और बचाव कार्य जारी है। लोगों लगातार खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। हालांकि लगातार जलस्तर घटने से राहत है। इसके साथ ही हथिनीकुंड से 21516 क्यूसेक, ओखला से 33739 क्यूसेक और मथुरा के गोकुल बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। शनिवार दोपहर तक यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 166 मीटर तक पहुंचने की संभावना है।
कांग्रेसियों ने वृंदावन में बांटी राहत सामग्री
इधर, शुक्रवार को कांग्रेसियों ने वृंदावन खादर में बाढ़ पीड़ितों को खाद्य सामग्री बांटी। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने बताया कि केसीघाट, केशव कुंज, पानीगांव, खादर एवं यमुनापार के ईसापुर, हसगंज, बिशनगंज एवं रसखान नगरी समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। इस दौरान पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम वाल्मिकी, वैद्य मनोज, अप्रतिम सक्सेना, महेश चौबे, अजीम शाह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं, पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र कुमार अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री बांटी। इस दौरान उमाशंकर, रमाशंकर, चौधरी शहीद, मुन्नी देवी किशन सिंह मौजूद रहे।