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Mathura News: वृंदावन में वायरल का प्रकोप, अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ी
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वृंदावन। मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वृंदावन में वायरल का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले चार दिनों में एक हजार से अधिक बुखार के मरीज सामने आए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस बुखार को ठीक होने में सात से दस दिन का समय लग रहा है, जिससे अस्पतालों में लंबी कतारें लगी हैं।
बारिश के बाद बढ़ी उमस और तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, गले में संक्रमण, एलर्जी, डायरिया और सांस संबंधी परेशानियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू समेत अन्य मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में पिछले सात दिनों से प्रतिदिन 600 से 700 मरीज बाह्य रोगी विभाग में आ रहे हैं। इनमें से प्रतिदिन 250 से 300 मरीज वायरल बुखार के होते हैं। अस्पताल में तीन डॉक्टर वायरल के मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंजली सिंह ने बताया कि प्रतिदिन आने वाले रोगियों में 50 फीसदी से अधिक वायरल बुखार के मरीज हैं। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम और एक-दूसरे के संपर्क में आने से वायरल बुखार फैल रहा है। इस बार वायरल बुखार अधिक ताप के साथ आ रहा है, जिससे व्यक्ति को तेजी से कमजोरी और घबराहट हो रही है।
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उपचार और बचाव के उपाय
डॉक्टर अंजली सिंह ने सलाह दी कि तेज बुखार आने पर पैरासीटामाल लें और तुरंत अच्छे डॉक्टर से परामर्श करें। दवा केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही लें। अधिकांश वायरल संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के संपर्क और खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों से फैलते हैं। इसलिए हाथों की स्वच्छता, पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना जरूरी है। यदि बुखार लगातार चार दिनों तक बना रहे या बार-बार लौट रहा हो तो चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
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बारिश के बाद बढ़ी उमस और तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, गले में संक्रमण, एलर्जी, डायरिया और सांस संबंधी परेशानियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू समेत अन्य मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में पिछले सात दिनों से प्रतिदिन 600 से 700 मरीज बाह्य रोगी विभाग में आ रहे हैं। इनमें से प्रतिदिन 250 से 300 मरीज वायरल बुखार के होते हैं। अस्पताल में तीन डॉक्टर वायरल के मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
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आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंजली सिंह ने बताया कि प्रतिदिन आने वाले रोगियों में 50 फीसदी से अधिक वायरल बुखार के मरीज हैं। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम और एक-दूसरे के संपर्क में आने से वायरल बुखार फैल रहा है। इस बार वायरल बुखार अधिक ताप के साथ आ रहा है, जिससे व्यक्ति को तेजी से कमजोरी और घबराहट हो रही है।
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उपचार और बचाव के उपाय
डॉक्टर अंजली सिंह ने सलाह दी कि तेज बुखार आने पर पैरासीटामाल लें और तुरंत अच्छे डॉक्टर से परामर्श करें। दवा केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही लें। अधिकांश वायरल संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के संपर्क और खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों से फैलते हैं। इसलिए हाथों की स्वच्छता, पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना जरूरी है। यदि बुखार लगातार चार दिनों तक बना रहे या बार-बार लौट रहा हो तो चिकित्सक को दिखाना चाहिए।