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Mathura News: इंडो-इस्राइल पद्धति से तैयार हो रहीं सब्जियों की पौध
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मथुरा। परंपरागत खेती के स्थान पर उद्यान विभाग की नर्सरी में इंडो-इस्राइल पद्धति से तैयार की गई सब्जियों की पौध किसानों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो रही हैं। कोकोपिट द्वारा जैविक खाद्य में हाईब्रिड बीजों की मदद से तैयार की गईं पौध से किसानों को अगैती फसल में खूब लाभ मिलता है।
कोकोपिट की खाद में हाईब्रिड बीज की मदद से तैयार पौध किसानों के लिए फायदे का सौदा बनती जा रही हैं। उद्यान विभाग के चौमुंह ब्लॉक के गांव पंचायत अगरयाला में उद्यान विभाग की हाईटेक नर्सरी में टमाटर, बैंगन, गोभी, मोटी और लंबी हरी मिर्च की विशेष पौध को तैयार किया गया है। इंडो-इस्राइल पद्धति पर सब्जियों की पौध तैयार करने वाली यह नर्सरी पिछले साल शुरू की गई थी। इस नर्सरी में एक साथ 1.50 लाख पौध तैयार करने की क्षमता है। जनपद के फरह, नौहझील, राया और बलदेव आदि ब्लॉक के कई गांवों में सब्जियों की खेती की जाती है।
ये होती है कोकोपिट की खाद्य
नारियल के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में भिगोया जाता है। इसमें से अतिरिक्त नमक निकालने के लिए उसे पानी से धोते हैं। फिर इसको निचोड़कर धूप में सुखाते हैं। इसके बाद इन्हें मिक्सर में पीसकर पाउडर बनाया जाता है। अंत में पौधों की खाद (वर्मीकम्पोस्ट) के साथ मिलाकर पौष्टिक मिक्स तैयार किया जाता है, जिसे पौध तैयार करने के लिए एक प्लास्टिक की पॉलीथिन में भर दिया जाता है।
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नर्सरी में तैयार हैं इन सब्जियों की पौध
नवकिरण बैंगन की 396, इंडस मिर्च की 1584, नामधारी टमाटर की 3168, नूनहेम्स टमाटर की 2970, वीएनआर हरीमिर्च की 1584, सेमिनिस फूलगोभी की 5940 और पूसा केतकी फूलगोभी की 5940 पौध वर्तमान में तैयार हैं। किसानों को इन्हें दो रुपये प्रति पौध की दर से दिया जाएगा।
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कोकोपिट की खाद में हाईब्रिड बीज की मदद से तैयार पौध किसानों के लिए फायदे का सौदा बनती जा रही हैं। उद्यान विभाग के चौमुंह ब्लॉक के गांव पंचायत अगरयाला में उद्यान विभाग की हाईटेक नर्सरी में टमाटर, बैंगन, गोभी, मोटी और लंबी हरी मिर्च की विशेष पौध को तैयार किया गया है। इंडो-इस्राइल पद्धति पर सब्जियों की पौध तैयार करने वाली यह नर्सरी पिछले साल शुरू की गई थी। इस नर्सरी में एक साथ 1.50 लाख पौध तैयार करने की क्षमता है। जनपद के फरह, नौहझील, राया और बलदेव आदि ब्लॉक के कई गांवों में सब्जियों की खेती की जाती है।
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ये होती है कोकोपिट की खाद्य
नारियल के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में भिगोया जाता है। इसमें से अतिरिक्त नमक निकालने के लिए उसे पानी से धोते हैं। फिर इसको निचोड़कर धूप में सुखाते हैं। इसके बाद इन्हें मिक्सर में पीसकर पाउडर बनाया जाता है। अंत में पौधों की खाद (वर्मीकम्पोस्ट) के साथ मिलाकर पौष्टिक मिक्स तैयार किया जाता है, जिसे पौध तैयार करने के लिए एक प्लास्टिक की पॉलीथिन में भर दिया जाता है।
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नर्सरी में तैयार हैं इन सब्जियों की पौध
नवकिरण बैंगन की 396, इंडस मिर्च की 1584, नामधारी टमाटर की 3168, नूनहेम्स टमाटर की 2970, वीएनआर हरीमिर्च की 1584, सेमिनिस फूलगोभी की 5940 और पूसा केतकी फूलगोभी की 5940 पौध वर्तमान में तैयार हैं। किसानों को इन्हें दो रुपये प्रति पौध की दर से दिया जाएगा।