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Mathura News: तेज अंधड़ और बारिश में दो झूले गिरे
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श्री जसवंत प्रदर्शनी और पशु मेले में भरा पानी
भरतपुर। शहर में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। तेज अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश हुई और ओले गिरे। सबसे ज्यादा कहर श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला पर बरपा। यहां एक बड़ा झूला भरभराकर दूसरे झूले पर गिर गया, जबकि दूसरा नाव के झूल पर जाकर अटक गया।
जिस समय झूले गिरे, उस समय वे खाली थे। इससे कोई जनहानि तो नहीं हुई लेकिन संचालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। मेले में करीब 70 फीसदी से अधिक दुकानों के टेंट फट गए। सामान भीग कर खराब हो गए। प्रशासन व्यापारियों की मदद कर मेले की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है।
सोमवार दोपहर करीब सवा घंटे तक तेज बारिश का दौर चला। करीब आधा मिनट तक चने के आकार के ओले भी गिरे। इससे तापमान में कमी आई, और लोगों को हल्की सर्दी का एहसास हुआ। अचानक आई बारिश और ओलावृष्टि से त्योहार पर खुले में बाजार में सामान बेच रहे अस्थाई दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। कई को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनका सामान भीग गया। शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया।
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पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक एवं मेला प्रभारी खुशीराम मीना ने बताया कि मेले में दो झूलों को नुकसान पहुंचा है। करीब 70 फीसदी दुकानों के टेंट फट गए और दुकानों में रखा सामान भीग गए। इस दौरान मेले की बिजली सप्लाई कटवा दी गई, जिससे कोई दुर्घटना न हो।
करीब एक घंटे तक हुई तेज बरसात से मेला मैदान में पानी भर गया और पूरा मेला अस्तव्यस्त हो गया। आगरा से आए झूला संचालक जावेद ने बताया कि उसे काफी नुकसान हुआ है। मेले में इस बार 492 दुकानें आवंटित की गई हैं। इनमें से 350 अस्थाई दुकानें हैं। अभी तक प्रशासन ने मेले में हुए नुकसान का सर्वे नहीं किया है।
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जिस समय झूले गिरे, उस समय वे खाली थे। इससे कोई जनहानि तो नहीं हुई लेकिन संचालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। मेले में करीब 70 फीसदी से अधिक दुकानों के टेंट फट गए। सामान भीग कर खराब हो गए। प्रशासन व्यापारियों की मदद कर मेले की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है।
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सोमवार दोपहर करीब सवा घंटे तक तेज बारिश का दौर चला। करीब आधा मिनट तक चने के आकार के ओले भी गिरे। इससे तापमान में कमी आई, और लोगों को हल्की सर्दी का एहसास हुआ। अचानक आई बारिश और ओलावृष्टि से त्योहार पर खुले में बाजार में सामान बेच रहे अस्थाई दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। कई को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनका सामान भीग गया। शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया।
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पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक एवं मेला प्रभारी खुशीराम मीना ने बताया कि मेले में दो झूलों को नुकसान पहुंचा है। करीब 70 फीसदी दुकानों के टेंट फट गए और दुकानों में रखा सामान भीग गए। इस दौरान मेले की बिजली सप्लाई कटवा दी गई, जिससे कोई दुर्घटना न हो।
करीब एक घंटे तक हुई तेज बरसात से मेला मैदान में पानी भर गया और पूरा मेला अस्तव्यस्त हो गया। आगरा से आए झूला संचालक जावेद ने बताया कि उसे काफी नुकसान हुआ है। मेले में इस बार 492 दुकानें आवंटित की गई हैं। इनमें से 350 अस्थाई दुकानें हैं। अभी तक प्रशासन ने मेले में हुए नुकसान का सर्वे नहीं किया है।