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आश्रय सदन से भागी लड़कियों में से दो बरामद
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 28 Jan 2015 12:35 AM IST
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तराश मंदिर स्थित महिला आश्रय सदन से 17 जनवरी को भागी तीन लड़कियों में से दो को मंगलवार की सुबह पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने दोनों लड़कियों को मेडिकल के लिए भेजा है। बाल कल्याण समिति की सदस्या ने उनसे भागने के कारण सहित अन्य जानकारी लीं हैं।
याद रहे कि पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के एक गांव निवासी व्यक्ति रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में कार्यरत हैं। उनकी 15 वर्षीय बेटी, आश्रय सदन में रहने वालीं दो लड़कियों के साथ भाग गई थी। संस्था की काउंसलर सुनीता चतुर्वेदी कोतवाली में तीनों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने इस संबंध में किशोरी के भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। मंगलवार को सुबह किशोरी और एक लड़की को बरामद कर लिया गया। एक अन्य की खोजबीन जारी है।
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थाने पहुंची बाल कल्याण समिति की सदस्या प्रतिभा शर्मा एडवोकेट को लड़कियों ने बताया कि 17 जनवरी को तीनों लड़कियां खिड़की से भागकर रिक्शे से पहले अटल्ला चुंगी पहुंची। इसके बाद प्रेम मंदिर गईं। देर होने पर आश्रय सदन में डांट के कारण घबरा गईं और तीनों बस से साथ आई एक लड़की के धौलपुर स्थित घर गईं।
वहां पता लगा कि उसके माता-पिता किसी मामले में बिहार जेल में सजा काट रहे हैं। इसके बाद तीनों बिना टिकट झारखंड जाने वाली ट्रेन में बैठ गईं। एक लड़की टाटा नगर स्टेशन पर उतर गई। किशोरी और एक लड़की खड़गपुर स्टेशन पर उतरकर बस से दौताना गांव पहुंची। यहां किशोरी की असली मां के घर रहीं और वहीं से वृंदावन आईं जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पुलिस का कहना है कि लड़कियाें का मेडिकल कराने के बाद उन्हें नारी निकेतन भेजने की सिफारिश की जाएगी। पुलिस का यह भी कहना है कि हिरासत में लिए गए किशोरी के भाई की लड़कियों को भगाने में भूमिका नहीं मालूम होती है।
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याद रहे कि पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के एक गांव निवासी व्यक्ति रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में कार्यरत हैं। उनकी 15 वर्षीय बेटी, आश्रय सदन में रहने वालीं दो लड़कियों के साथ भाग गई थी। संस्था की काउंसलर सुनीता चतुर्वेदी कोतवाली में तीनों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने इस संबंध में किशोरी के भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। मंगलवार को सुबह किशोरी और एक लड़की को बरामद कर लिया गया। एक अन्य की खोजबीन जारी है।
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थाने पहुंची बाल कल्याण समिति की सदस्या प्रतिभा शर्मा एडवोकेट को लड़कियों ने बताया कि 17 जनवरी को तीनों लड़कियां खिड़की से भागकर रिक्शे से पहले अटल्ला चुंगी पहुंची। इसके बाद प्रेम मंदिर गईं। देर होने पर आश्रय सदन में डांट के कारण घबरा गईं और तीनों बस से साथ आई एक लड़की के धौलपुर स्थित घर गईं।
वहां पता लगा कि उसके माता-पिता किसी मामले में बिहार जेल में सजा काट रहे हैं। इसके बाद तीनों बिना टिकट झारखंड जाने वाली ट्रेन में बैठ गईं। एक लड़की टाटा नगर स्टेशन पर उतर गई। किशोरी और एक लड़की खड़गपुर स्टेशन पर उतरकर बस से दौताना गांव पहुंची। यहां किशोरी की असली मां के घर रहीं और वहीं से वृंदावन आईं जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पुलिस का कहना है कि लड़कियाें का मेडिकल कराने के बाद उन्हें नारी निकेतन भेजने की सिफारिश की जाएगी। पुलिस का यह भी कहना है कि हिरासत में लिए गए किशोरी के भाई की लड़कियों को भगाने में भूमिका नहीं मालूम होती है।