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एक डिग्री और गिरा पारा, ठंड से कांप उठा जनजीवन
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 18 Jan 2016 11:43 PM IST
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ठंड की जोरदार वापसी से आम जनजीवन कांप उठा है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन घना कोहरा छाया रहा। दिनभर धूप की किरणों के लिए लोग तरसते रहे।
इस बीच ठंडी हवाओं ने सर्दी को और बेरहम बना दिया। सुबह घने कोहरे के चलते नियमित टहलने वालों की संख्या में भी कमी देखी गई। हाईवे पर कोहरे की चादर से वाहनों की रफ्तार सुस्त पड़ गई।
ठंड के चलते लोगों की दिनचर्या भी बुरी तरह गड़बड़ा गई है। राया शोध केंद्र पर दिन का तापमान 14 डिग्री और रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों के लिए उम्मीद की किरण बनी ठंड
मथुरा। एक सप्ताह पहले दिन का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस होने से किसानों के माथे पर बल डाल दिए थे। मौसम का मिजाज बदल जाने से किसानों में उम्मीद की किरण जागी है। बढ़ी ठंड खेती के लिए फायदेमंद बताई जा रही है।
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न कंबल न ही कहीं अलाव
सर्दी बेरहम हो गई है लेकिन पालिका और प्रशासनिक अफसर नहीं जागे हैं। शहर में कहीं अलाव नजर आ रहे। कंबल वितरण के आयोजन भी कम दिख रहे हैं। इसके चलते खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर करने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई है। कस्बों में जरूर अलाव जलवाए गए हैं।
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इस बीच ठंडी हवाओं ने सर्दी को और बेरहम बना दिया। सुबह घने कोहरे के चलते नियमित टहलने वालों की संख्या में भी कमी देखी गई। हाईवे पर कोहरे की चादर से वाहनों की रफ्तार सुस्त पड़ गई।
ठंड के चलते लोगों की दिनचर्या भी बुरी तरह गड़बड़ा गई है। राया शोध केंद्र पर दिन का तापमान 14 डिग्री और रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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किसानों के लिए उम्मीद की किरण बनी ठंड
मथुरा। एक सप्ताह पहले दिन का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस होने से किसानों के माथे पर बल डाल दिए थे। मौसम का मिजाज बदल जाने से किसानों में उम्मीद की किरण जागी है। बढ़ी ठंड खेती के लिए फायदेमंद बताई जा रही है।
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न कंबल न ही कहीं अलाव
सर्दी बेरहम हो गई है लेकिन पालिका और प्रशासनिक अफसर नहीं जागे हैं। शहर में कहीं अलाव नजर आ रहे। कंबल वितरण के आयोजन भी कम दिख रहे हैं। इसके चलते खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर करने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई है। कस्बों में जरूर अलाव जलवाए गए हैं।