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दफ्तरों में ताले, सरकारी कामकाज ठप

Wed, 06 Apr 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला मथुरा
अमर उजाला मथुरा Updated Wed, 06 Apr 2016 11:32 PM IST
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total strike in mathura collectorate
सदर तहसील पर हमले के विरोध में जिले भर के सरकारी कर्मचारियों ने की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
सदर तहसील पर हमले के बाद अब जिले में सरकारी कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। बुधवार को कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट और राजीव भवन सहित जिले की सभी तहसीलों में ताले डाल दिए। आक्रोशित कर्मचारी इस स्थिति के लिए सीधे प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।  
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जवाहर बाग में कब्जा जमाने वाले लोगों के हमले के बाद बुधवार को भी सदर तहसील में कार्यालयों के ताले नहीं खुले। अफसर भी तहसील नहीं पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस बल ही मुस्तैद नजर आया। कलक्ट्रेट परिसर में सुबह कार्यालय खुले लेकिन एक के बाद एक सभी पर ताले जड़ दिए गए। यहां आने वाले सभी कर्मचारी वट वृक्ष के नीचे एकत्र हुए। कर्मचारी संगठनों ने पहले ही डीएम को हड़ताल की सूचना दे दी है।
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वट वृक्ष के नीचे धरनास्थल पर वक्ताओं ने जवाहर बाग प्रकरण के लिए जिला प्रशासन पर जमकर गुस्सा निकाला। वे सिटी मजिस्ट्रेट से वार्ता करने को भी तैयार नहीं थे। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जवाहर बाग खाली होने तक तालाबंदी और हड़ताल जारी रहेगी। अन्य विभागों को भी आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। जिले में पैदा हुई स्थिति की जानकारी कर्मचारी नेताओं ने प्रांतीय नेतृत्व को दे दी है।
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हड़ताल के दौरान कर्मचारी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों में चौधरी गिरेन्द्र सिंह, चौधरी वीरेन्द्र सिंह, भगवान सहाय, हीरालाल निषाद, रामबाबू जादौन, रामवीर शर्मा, कृष्ण मुरारी वर्मा, कृष्णगोपाल अग्रवाल, शरद शर्मा, रघुवीर सिंह, विनोद सक्सेना, मोहन स्वरूप त्रिपाठी, बलवीर सिंह, चंद्रपाल पौनिया, अमरनाथ उपाध्याय, संतोष गुप्ता, महेन्द्र पाल शर्मा,  रघुवीर सिंह, चंद्रपाल, डालचंद्र, मोहन श्याम शर्मा, कप्तान सिंह, चुन्नीलाल, जगपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

कर्मचारियों पर दबाव बनाने का प्रयास
कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए प्रशासन ने कर्मचारी नेताओं पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष चौधरी वीरेन्द्र सिंह के घर पर बुधवार को पुलिस भेज दी गई। इससे कर्मचारी भड़क गए और विरोध स्वरूप सिटी मजिस्ट्रेट से वार्ता करने से इंकार कर दिया।


जवाहर बाग में भी मोर्चाबंदी
दो साल से सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाए लोगों ने भी सदर तहसील पर हमले के बाद पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। खुद को सत्याग्रही कहने वालों का नेतृत्व कर रहे लोग किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपनी संख्या बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इन लोगों ने बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश से अपने सहयोगियों को मथुरा आने के लिए कहा है।
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