{"_id":"64c56a780385cb4b15035126","slug":"tirthankaras-worshiped-for-navagraha-shanti-in-jain-temple-mathura-news-c-160-1-sagr1034-539-2023-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: जैन मंदिर में नवग्रह शांति के लिए हुई तीर्थंकरों की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: जैन मंदिर में नवग्रह शांति के लिए हुई तीर्थंकरों की पूजा
विज्ञापन
कोसीकलां। पांडे वाले दिगंबर जैन मंदिर में शनिवार को नवग्रह शांति महामंडल विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह जिनालय में अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन के बाद नवग्रह शांति महामंडल विधान हुआ। मंत्रोच्चारणों के बीच अष्टद्रव्य युक्त जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप और फल से पूजा-अर्चना की गई।
नवग्रह शांति महामंडल विधान में सूर्य ग्रह की पीड़ा को दूर करने के लिए छठवें तीर्थंकर भगवान पद्यप्रभु स्वामी, चंद्र की पीड़ा के लिए अष्टम तीर्थंकर चंद्रप्रभु स्वामी, मंगल के लिए द्वादश तीर्थंकर वासुपूज्य स्वामी, बुध की पीड़ा दूर करने के लिए 13वें तीर्थकर विमलनाथ स्वामी, 14वें तीर्थकर अनंतनाथ स्वामी, 15वें तीर्थकर धर्मनाथ स्वामी, 16वें तीर्थकर शांतिनाथ स्वामी, 17वें तीर्थकर कुंथुनाथ स्वामी, 18वें तीर्थकर अरनाथ स्वामी, 19 वें तीर्थकर नमिनाथ स्वामी व 20वें तीर्थंकर महावीर स्वामी की पूजा की गई।
इसी तरह बृहस्पति ग्रह की पीड़ा दूर करने के लिए ऋषभदेव स्वामी, अजितनाथ स्वामी, संभवनाथ स्वामी, अभिनंदन स्वामी, सुमतिनाथ स्वामी, सुपार्श्वनाथ स्वामी, शीतलनाथ स्वामी, श्रयांसनाथ स्वामी की, शुक्र ग्रह की पीड़ा दूर करने के लिए नवम तीर्थंकर पुष्पदंत स्वामी व शनि ग्रह की पीड़ा दूर करने के लिए बीसवें तीर्थंकर मुनिसुव्रत स्वामी, राहु की पीड़ा दूर करने के लिए बाइसवें तीर्थंकर नेमीनाथ स्वामी की और केतु ग्रह की पीड़ा दूर करने के लिए मल्लिनाथ स्वामी व पार्श्वनाथ स्वामी का पूजन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
नवग्रह शांति महामंडल विधान में सूर्य ग्रह की पीड़ा को दूर करने के लिए छठवें तीर्थंकर भगवान पद्यप्रभु स्वामी, चंद्र की पीड़ा के लिए अष्टम तीर्थंकर चंद्रप्रभु स्वामी, मंगल के लिए द्वादश तीर्थंकर वासुपूज्य स्वामी, बुध की पीड़ा दूर करने के लिए 13वें तीर्थकर विमलनाथ स्वामी, 14वें तीर्थकर अनंतनाथ स्वामी, 15वें तीर्थकर धर्मनाथ स्वामी, 16वें तीर्थकर शांतिनाथ स्वामी, 17वें तीर्थकर कुंथुनाथ स्वामी, 18वें तीर्थकर अरनाथ स्वामी, 19 वें तीर्थकर नमिनाथ स्वामी व 20वें तीर्थंकर महावीर स्वामी की पूजा की गई।
विज्ञापन
इसी तरह बृहस्पति ग्रह की पीड़ा दूर करने के लिए ऋषभदेव स्वामी, अजितनाथ स्वामी, संभवनाथ स्वामी, अभिनंदन स्वामी, सुमतिनाथ स्वामी, सुपार्श्वनाथ स्वामी, शीतलनाथ स्वामी, श्रयांसनाथ स्वामी की, शुक्र ग्रह की पीड़ा दूर करने के लिए नवम तीर्थंकर पुष्पदंत स्वामी व शनि ग्रह की पीड़ा दूर करने के लिए बीसवें तीर्थंकर मुनिसुव्रत स्वामी, राहु की पीड़ा दूर करने के लिए बाइसवें तीर्थंकर नेमीनाथ स्वामी की और केतु ग्रह की पीड़ा दूर करने के लिए मल्लिनाथ स्वामी व पार्श्वनाथ स्वामी का पूजन किया गया।
विज्ञापन