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Mathura News: कई परिषदीय स्कूलों में शिक्षक और छात्र संख्या में असमानता
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मथुरा। परिषदीय सचिव के आदेश के बाद भी शिक्षकों का समायोजन अटका हुआ है। जनपद के कई परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक है और शिक्षकों का अभाव है। कहीं बच्चों की संख्या कम है पर शिक्षक अधिक हैं।
जून 2025 को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने आदेश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या कम है और शिक्षक अधिक हैं, वहां से अतिरिक्त शिक्षकों को हटाकर कम शिक्षकों वाले विद्यालय में स्थानांतरित किया जाए। ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षकों ने अपने-अपने विकल्प भी चुने, इसके आधार पर उनका समायोजन किया गया था। आदेश के 5 महीने बीतने के बाद भी शिक्षकों ने अपने स्थानांतरित विद्यालयों में ज्वाइन नहीं किया है। न ही उन्हें मूल विद्यालयों से कार्यमुक्त किया गया है।
केस 1
दिलीप सिंह चौमुहां के गांव कौंकेरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात हैं। उन्होंने समायोजन में उच्च प्राथमिक विद्यालय सहार का विकल्प चुना था। उनका समायोजन विभाग द्वारा जारी सूची के क्रम संख्या 14048 पर अंकित है, लेकिन दिलीप अभी भी अपने मूल विद्यालय कौंकेरा में ही तैनात हैं। सहार में 170 छात्रों की संख्या है और सिर्फ दो ही शिक्षक तैनात हैं।
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केस 2
क्रम संख्या 14053 पर सुरेश चंद को उच्च माध्यमिक प्राथमिक विद्यालय सेही से विकल्प के आधार पर उच्च प्राथमिक विद्यालय सहार में स्थानांतरित किया गया, मगर वे भी सेही में ही तैनात हैं। जबकि सेही में वर्तमान में 90 छात्र हैं, 4 सहायक एक प्रधानाध्यापक है। आईटीई के अनुसार प्राथमिक विद्यालय में 150 छात्रों पर एक प्रधानाध्यापक का प्रावधान है।
परिषद आदेश के बाद विभाग से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं हुई। चौमुहां ब्लॉक में ऐसे 2 से 3 शिक्षक हैं।
कैलाश चंद शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी, चौमुहां
-- -- -- -- -- -- -- -- --
वर्जन
ये आदेश संज्ञान में नहीं है, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-रतन कीर्ति, बीएसए
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जून 2025 को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने आदेश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या कम है और शिक्षक अधिक हैं, वहां से अतिरिक्त शिक्षकों को हटाकर कम शिक्षकों वाले विद्यालय में स्थानांतरित किया जाए। ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षकों ने अपने-अपने विकल्प भी चुने, इसके आधार पर उनका समायोजन किया गया था। आदेश के 5 महीने बीतने के बाद भी शिक्षकों ने अपने स्थानांतरित विद्यालयों में ज्वाइन नहीं किया है। न ही उन्हें मूल विद्यालयों से कार्यमुक्त किया गया है।
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केस 1
दिलीप सिंह चौमुहां के गांव कौंकेरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात हैं। उन्होंने समायोजन में उच्च प्राथमिक विद्यालय सहार का विकल्प चुना था। उनका समायोजन विभाग द्वारा जारी सूची के क्रम संख्या 14048 पर अंकित है, लेकिन दिलीप अभी भी अपने मूल विद्यालय कौंकेरा में ही तैनात हैं। सहार में 170 छात्रों की संख्या है और सिर्फ दो ही शिक्षक तैनात हैं।
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केस 2
क्रम संख्या 14053 पर सुरेश चंद को उच्च माध्यमिक प्राथमिक विद्यालय सेही से विकल्प के आधार पर उच्च प्राथमिक विद्यालय सहार में स्थानांतरित किया गया, मगर वे भी सेही में ही तैनात हैं। जबकि सेही में वर्तमान में 90 छात्र हैं, 4 सहायक एक प्रधानाध्यापक है। आईटीई के अनुसार प्राथमिक विद्यालय में 150 छात्रों पर एक प्रधानाध्यापक का प्रावधान है।
परिषद आदेश के बाद विभाग से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं हुई। चौमुहां ब्लॉक में ऐसे 2 से 3 शिक्षक हैं।
कैलाश चंद शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी, चौमुहां
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ये आदेश संज्ञान में नहीं है, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-रतन कीर्ति, बीएसए