फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   The Unique Tradition of 'Pushpa-Kali Shringar' Among the Sakhi Companions

Mathura News: अनूठी है सखियों की पुष्प-कली शृंगार परंपरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
The Unique Tradition of 'Pushpa-Kali Shringar' Among the Sakhi Companions
ग्रंथ का विमोचन करते संस्थान के अध्यक्ष एवं सेवायत गोस्वामी। 
वृंदावन। आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने कहा कि ठाकुर श्रीराधावल्लभ लाल को ग्रीष्मकाल में शीतलता प्रदान करने के लिए सखियों द्वारा पुष्प-कली शृंगार की अनूठी परंपरा निभाई जाती है, जिसमें नख-शिख शृंगार के लिए केवल पुष्प की कलियों का ही प्रयोग किया जाता है। यह द्वापरकाल से मंदिरों के सेवायत गोस्वामियों द्वारा अनवरत रूप से निभाई जा रही है।
विज्ञापन

यह विचार उन्होंने वृंदावन शोध संस्थान में मंगलवार को श्रीराधावल्लभ सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित पुष्प-कली शृंगार मूर्त और अमूर्त संदर्भों में विषय पर संगोष्ठी में व्यक्त किए। इस दौरान पुष्प कली शीर्षक शृंगार ग्रंथ का विमोचन किया गया। डॉ. चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि यह दुर्लभ सेवा भाव केवल वृंदावन के देवालयों की विशेषता है। ग्रंथ के संपादक आचार्य श्रीहित सुकृतलाल गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी के जामे, पाजामे, कमरपेटी और पाजेब जैसे आभूषण पुष्प-कलियों से निर्मित होते हैं। इन्हें उत्थापन से शयन काल तक धारण कराया जाता है।
विज्ञापन

संस्थान के अध्यक्ष आरडी पालीवाल ने धन्यवाद दिया। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराधावल्लभलाल के चित्रपट पर माल्यार्पण और पुलकित गोस्वामी द्वारा गाए गए मंगलाचरण से हुआ। इस अवसर पर बलरामदास बाबा, स्वामी महेशानंद सरस्वती, एडीएम वित्त पंकज वर्मा, आचार्य राधेशलाल गोस्वामी, सचिव प्रवीण गुप्ता, सुशीला गुप्ता, इंदु राव, नामदेव शर्मा, अभय गोस्वामी, सक्षम गोस्वामी आदि उपस्थित रहे। संचालन डाॅक्टर राजेश शर्मा ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed