{"_id":"69937193b77586d23a04386d","slug":"the-thirst-of-vrindavan-residents-will-be-quenched-with-three-new-tube-wells-being-built-mathura-news-c-369-1-mt11009-142657-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: वृंदावनवासियों की बुझेगी प्यास, तीन नए नलकूप बनेंगे खास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: वृंदावनवासियों की बुझेगी प्यास, तीन नए नलकूप बनेंगे खास
विज्ञापन
राजपुर खादर में जगह का निरीक्षण करते निगम के उपसभापति मुकेश सारस्वत व अधिकारी ।
मथुरा। वृंदावनवासियों की प्यास बुझाने के लिए जल निगम यमुना किनारे तीन नए नलकूपों का निर्माण कराएगा। इस क्षेत्र में टीडीएस मानक अनुसार मिलने के बाद यह योजना बनाई गई है। अब गर्मियों के मौसम में लोगों को जल संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से तीनों नलकूपों का निर्माण होगा। प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है।
वृंदावन के कई इलाकों में भूगर्भ जल का खारापन (टीडीएस) एक बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए जल निगम के तकनीकी विशेषज्ञों ने यमुना किनारे विभिन्न स्थानों पर सर्वे किया था। जांच के दौरान यमुना के निकट राजपुर खादर क्षेत्र में पानी के नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए। यहां का टीडीएस स्तर पीने योग्य पानी के निर्धारित पैमानों पर खरा उतरा है। इसके बाद बाद विभाग ने इसी स्थान पर नलकूपों को लगाने का निर्णय लिया है।
योजना के अनुसार, प्रत्येक नलकूप की क्षमता और उनके साथ बनने वाले बुनियादी ढांचे को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि, वह रोजाना लाखों लीटर पानी की अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित कर सकेंगे। वर्तमान में वृंदावन के कई वार्डों के लोग निजी संसाधनों से जल उपयोग करते है या टैंकरों पर निर्भरता है। इन तीन नए नलकूपों के चालू होने से मुख्य राइजिंग पाइपलाइन में पानी का प्रेशर बढ़ेगा, जिससे दूरदराज की कॉलोनियों में स्थित घरों तक पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा।
विज्ञापन
--
तीन करोड़ का बजट स्वीकृत
जल निगम शहरी ने इस पूरी परियोजना के लिए तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। इस बजट में नलकूपों की बोरिंग, पंपिंग मशीनरी की स्थापना, विद्युत कनेक्शन और उन्हें मुख्य वितरण प्रणाली से जोड़ने का खर्च शामिल है। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि टीडीएस मानक सही मिलने से शुद्धिकरण की अतिरिक्त लागत में भी कमी आएगी और जनता को प्राकृतिक रूप से स्वच्छ जल मिल सकेगा। प्रस्ताव मंजूर हो गया है, जल्दी निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
--
उपसभापति ने किया निरीक्षण
प्रस्ताव मंजूर होने के बाद सोमवार को नगर निगम के उपसभापति मुकेश सारस्वत ने अधिकारियों के साथ राजपुर खादर क्षेत्र का निरीक्षण किया। कहा कि इस क्षेत्र में नलकूपों के निर्माण के लिए जगह चिह्नित कर ली है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा ताकि गर्मियों में पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति हो सके।
विज्ञापन
वृंदावन के कई इलाकों में भूगर्भ जल का खारापन (टीडीएस) एक बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए जल निगम के तकनीकी विशेषज्ञों ने यमुना किनारे विभिन्न स्थानों पर सर्वे किया था। जांच के दौरान यमुना के निकट राजपुर खादर क्षेत्र में पानी के नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए। यहां का टीडीएस स्तर पीने योग्य पानी के निर्धारित पैमानों पर खरा उतरा है। इसके बाद बाद विभाग ने इसी स्थान पर नलकूपों को लगाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
योजना के अनुसार, प्रत्येक नलकूप की क्षमता और उनके साथ बनने वाले बुनियादी ढांचे को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि, वह रोजाना लाखों लीटर पानी की अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित कर सकेंगे। वर्तमान में वृंदावन के कई वार्डों के लोग निजी संसाधनों से जल उपयोग करते है या टैंकरों पर निर्भरता है। इन तीन नए नलकूपों के चालू होने से मुख्य राइजिंग पाइपलाइन में पानी का प्रेशर बढ़ेगा, जिससे दूरदराज की कॉलोनियों में स्थित घरों तक पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा।
विज्ञापन
तीन करोड़ का बजट स्वीकृत
जल निगम शहरी ने इस पूरी परियोजना के लिए तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। इस बजट में नलकूपों की बोरिंग, पंपिंग मशीनरी की स्थापना, विद्युत कनेक्शन और उन्हें मुख्य वितरण प्रणाली से जोड़ने का खर्च शामिल है। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि टीडीएस मानक सही मिलने से शुद्धिकरण की अतिरिक्त लागत में भी कमी आएगी और जनता को प्राकृतिक रूप से स्वच्छ जल मिल सकेगा। प्रस्ताव मंजूर हो गया है, जल्दी निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
उपसभापति ने किया निरीक्षण
प्रस्ताव मंजूर होने के बाद सोमवार को नगर निगम के उपसभापति मुकेश सारस्वत ने अधिकारियों के साथ राजपुर खादर क्षेत्र का निरीक्षण किया। कहा कि इस क्षेत्र में नलकूपों के निर्माण के लिए जगह चिह्नित कर ली है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा ताकि गर्मियों में पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति हो सके।