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Mathura News: राल सीएचसी पर तैनात महिला स्वास्थ्यकर्मी का इस्तीफा वायरल
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चौमुहां। सीएचसी राल के ऊंचागांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के इस्तीफा का लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सीएचओ रमा रानी की ओर से चिकित्सा प्रभारी पर भ्रष्टाचार, वसूली और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप लगाते हुए अपना त्यागपत्र स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया है। अब यह लेटर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। उधर सीएचसी राल प्रभारी राकेश सिंह ने सीएचओ पर अनुपस्थिति का स्पष्टीकरण देने के बजाय बेबुनियाद आरोप लगाते हुए इस तरह की हरकत करना बताया है।
सीएचओ ने अपने पत्र में पीबीआई, टीए, डीए निकालने के बदले अवैध वसूली करने, नियमित रूप से जीपीएस और एएमएस ऐप के माध्यम से हाजिरी लगाने के बावजूद उन्हें जानबूझकर परेशान करने, फर्जी हाजिरी लगाने वाले अन्य कर्मचारियों को संरक्षण देने और वेतन रोकने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर राल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. राकेश सिंह ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि औचक निरीक्षण में जब सीएचओ को वीडियो कॉल किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इससे उनकी ड्यूटी से अनुपस्थिति की पुष्टि हुई। फोन न उठाने और लापरवाही बरतने के कारण उनका वेतन बाधित करने का पत्र जारी किया गया था।
प्रभारी का तर्क है कि स्पष्टीकरण देने के बजाय उन्होंने अपनी गलती छिपाते हुए और जांच से बचने के लिए अधिकारियों के ग्रुप में इस तरह के निराधार आरोप लगाए हैं। सीएचओ की पूरे साल की अटेंडेंस रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेज दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने संज्ञान लिया है। पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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सीएचओ ने अपने पत्र में पीबीआई, टीए, डीए निकालने के बदले अवैध वसूली करने, नियमित रूप से जीपीएस और एएमएस ऐप के माध्यम से हाजिरी लगाने के बावजूद उन्हें जानबूझकर परेशान करने, फर्जी हाजिरी लगाने वाले अन्य कर्मचारियों को संरक्षण देने और वेतन रोकने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर राल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. राकेश सिंह ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि औचक निरीक्षण में जब सीएचओ को वीडियो कॉल किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इससे उनकी ड्यूटी से अनुपस्थिति की पुष्टि हुई। फोन न उठाने और लापरवाही बरतने के कारण उनका वेतन बाधित करने का पत्र जारी किया गया था।
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प्रभारी का तर्क है कि स्पष्टीकरण देने के बजाय उन्होंने अपनी गलती छिपाते हुए और जांच से बचने के लिए अधिकारियों के ग्रुप में इस तरह के निराधार आरोप लगाए हैं। सीएचओ की पूरे साल की अटेंडेंस रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेज दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने संज्ञान लिया है। पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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