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शिव मंदिर हटाने गई पुलिस बैरंग लौटी
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मथुरा। डीआरएम के आदेश के बाद हनुमान मंदिर प्रांगण में निर्माणाधीन शिव मंदिर को हटाने पहुंची आरपीएफ और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। मौके पर पार्षद के संग मिलकर स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया। इसके बाद आरपीएफ, पुलिस व रेलवे अधिकारी लौट आए।
धौली प्याऊ की तरफ रेलवे कॉलोनी में प्राचीन हनुमान मंदिर है। कुछ वर्ष पहले हनुमान मंदिर के समक्ष शिव परिवार की स्थापना भी की गई थी। अब वह इस शिव परिवार के चारो और दीवार लगा रहे थे। अवैध निर्माण की शिकायत पर बुधवार को डीआरएम आनंद स्वरूप ने मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया।
उन्होंने आरपीएफ को निर्माणाधीन मंदिर को हटाने का आदेश दिया। बृहस्पतिवार को आरपीएफ प्रभारी अवधेश गोस्वामी टीम के साथ कोतवाली पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचकर मंदिर हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की।
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स्थानीय महिलाएं मंदिर तोड़ने का विरोध करने आ गईं। कुछ ही देर में स्थानीय पार्षद उमेश भारद्वाज भी मौके पर पहुंच गए और विरोध किया। करीब एक घंटे तक हंगामे के बाद आरपीएफ को मौके से मंदिर बिना तोड़े लौटना पड़ा। उमेश ने बताया कि एक प्रार्थना पत्र देकर डीआरएम से मंदिर न तोड़े जाने का अनुरोध किया है।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर संजय अग्रवाल ने बताया कि रेलवे कॉलोनी वासियों ने लिखित आश्वासन दिया है कि मंदिर परिसर में कोई नव निर्माण नहीं किया जाएगा। वहीं, डीआरएम के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
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धौली प्याऊ की तरफ रेलवे कॉलोनी में प्राचीन हनुमान मंदिर है। कुछ वर्ष पहले हनुमान मंदिर के समक्ष शिव परिवार की स्थापना भी की गई थी। अब वह इस शिव परिवार के चारो और दीवार लगा रहे थे। अवैध निर्माण की शिकायत पर बुधवार को डीआरएम आनंद स्वरूप ने मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया।
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उन्होंने आरपीएफ को निर्माणाधीन मंदिर को हटाने का आदेश दिया। बृहस्पतिवार को आरपीएफ प्रभारी अवधेश गोस्वामी टीम के साथ कोतवाली पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचकर मंदिर हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की।
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स्थानीय महिलाएं मंदिर तोड़ने का विरोध करने आ गईं। कुछ ही देर में स्थानीय पार्षद उमेश भारद्वाज भी मौके पर पहुंच गए और विरोध किया। करीब एक घंटे तक हंगामे के बाद आरपीएफ को मौके से मंदिर बिना तोड़े लौटना पड़ा। उमेश ने बताया कि एक प्रार्थना पत्र देकर डीआरएम से मंदिर न तोड़े जाने का अनुरोध किया है।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर संजय अग्रवाल ने बताया कि रेलवे कॉलोनी वासियों ने लिखित आश्वासन दिया है कि मंदिर परिसर में कोई नव निर्माण नहीं किया जाएगा। वहीं, डीआरएम के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।