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Mathura News: नया नहीं है बिहारीजी मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाने का मामला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Sep 2025 01:00 AM IST
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The issue of extending the darshan time at the Bihariji Temple is not new
ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : mathura
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन समय वृद्धि का मामला नया नहीं है। बीते कई दशकों में कई बार प्रयास किए, लेकिन हर बार नाकाम ही साबित हुए। इस मुद्दे पर एक बार फिर मौजूदा हाई पावर्ड टेंपल मैनेजमेंट कमेटी ने मंदिर का समय बढ़ाया तो वह सेवायतों के गले नहीं उतर रहा। तीन लोगों ने मथुरा की जूनियर डिवीजन कोर्ट में याचिका दाखिल की तो एक सेवायत ने कमेटी को नाेटिस दिया।
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दरअसल ठाकुरजी का सेवायत समाज भी इस मामले पर सहमत नहीं हैं और इसे भावसेवा के विपरीत बता रहा है। अधिकांश सेवायत इसे उचित नहीं मानते हुए कहते हैं कि आराध्यप्रभु कोई खिलौना या शोपीस नहीं हैं जो दिनभर एक ही स्थान पर खड़े रहें।
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इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी कहते हैं कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर में लगातार बढ़ रही भीड़ के दबाव को कम करने के लिए हाई पावर्ड कमेटी ने ठाकुरजी के दर्शन का समय पूरे दिन में लगभग तीन घंटे बढ़ा दिया है। फलस्वरूप अब ठाकुर बांकेबिहारी महाराज सुबह शाम मिलाकर करीब 11 घंटे दर्शन दिया करेंगे। इस दर्शन वृद्धि में राजभोग व शयनभोग को तो बराबर सेवा अवधि दे दी गई है, लेकिन शृंगार आरती के समय में कोई विस्तार नहीं किया गया है। जबकि तीनों आरतियों को बराबर वक्त दिए जाने की मांग पिछले लम्बे समय से चली आ रही है और कोर्ट में भी यह मुद्दा पुरजोर तरीके से उठता रहा है।
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इतिहासकार के अनुसार नवंबर 2022 में श्रीबांकेबिहारी मंदिर के तत्कालीन प्रशासक/सिविल जज जूनियर डिवीजन कोमल शुक्ला ने तत्काल प्रभाव से मंदिर के दर्शन समय में बढ़ोतरी करते हुए करीब पौने तीन घंटे का दर्शन समय बढ़ा दिया था। तब अधिवक्ता गिरधारी लाल व अधिवक्ता दीपक शर्मा ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में समय बढ़ाने वाले आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। मुंसिफ कोर्ट से पहले उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी। इससे पहले वर्ष 2017 में भी तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट बसंत लाल व सीओ विजय शंकर मिश्र ने दर्शन की समयावधि बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे खारिज कर दिया था। 2005 के करीब मुंसिफ/प्रशासक बुद्धि सागर मिश्र एवं 2002 में मंदिर रिसीवर वीरेंद्र कुमार त्यागी सहित कई रिसीवरों ने आराध्य के दर्शन समय में वृद्धि के प्रयास किए थे।
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