{"_id":"64875ce714f2cc2b3b0e1958","slug":"the-funeral-pyre-of-the-couple-burnt-together-the-family-members-crying-insensibly-mathura-news-c-29-1-agr1017-88570-2023-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: एक साथ जली दंपती की चिता, परिजन रो-रोकर बेसुध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: एक साथ जली दंपती की चिता, परिजन रो-रोकर बेसुध
विज्ञापन
मथुरा। भरतपुर-मथुरा राजमार्ग स्थित पेट्रोल पंप के पास बीती रात सड़क दुर्घटना में मृत पति-पत्नी का शव सोमवार सुबह जैसे ही मासूम नगर स्थित घर पहुंचा, पूरे मोहल्ले के लोग गमगीन हो उठे। हर आंख नम थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। शाम को गमगीन माहौल में बड़े बेटे ने माता-पिता को मुखाग्नि दी।
हाईवे थाना क्षेत्र स्थित मासूम नगर निवासी भूपेंद्र सिंह रविवार रात अपने पिता रामसिंह (58) व मां फूलवती (55) को बाइक पर बैठाकर भरतपुर से घर लौट रहे थे। हाईवे पर उन्हें कार ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में रामसिंह व फूलवती की मौत हो गई, जबकि भूपेंद्र घायल हो गया। इसकी सूचना मिलते ही परिजन भरतपुर पहुंच गए। पुलिस ने सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। रविवार रात जैसे ही हादसे की सूचना मिली आसपास के लोग व रिश्तेदार पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचने लगे। सोमवार सुबह 11 बजे दोनों के शव मासूम नगर स्थित घर पहुंचे। जैसे ही शव को गाड़ी से उतारा गया वहां मौजूद परिजन विलाप करने लगे। आसपास के लोग भी पति-पत्नी की मौत से गमजदा थे। सभी के जुबां पर एक ही बात थी कि बेटों के सिर से एक साथ मां-बाप का साया उठ गया। भूपेंद्र, शशिपाल व मोरमुकुट माता पिता की मौत के बाद स्तब्ध हैं। पुत्री निरमा का भी रो-रोकर बुरा हाल था। कुछ समय पहले ही उसका विवाह हुआ है।
सिक्योरिटी गार्ड थे राम सिंह
राम सिंह पेशे से सिक्योरिटी गार्ड थे। वे धानमील के पास स्थित गेटबंद कॉलोनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। ग्रामीण उनके व्यवहार को लेकर भी बात करते दिखे। चर्चा थी कि स्वभाव से रामसिंह भले इंसान थे। वह किसी को परेशानी में नहीं देख सकते थे।
विज्ञापन
एक बेटे की नहीं हुई है शादी
रामसिंह और फूलवती के चार संतानें हैं। बड़ा बेटा शशिपाल, छोटा भूपेंद्र और बेटी निरमा शादीशुदा है। सबसे छोटे बेटे मोरमुकुट की अभी शादी नहीं हुई है। वह रेलवे की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
हाईवे थाना क्षेत्र स्थित मासूम नगर निवासी भूपेंद्र सिंह रविवार रात अपने पिता रामसिंह (58) व मां फूलवती (55) को बाइक पर बैठाकर भरतपुर से घर लौट रहे थे। हाईवे पर उन्हें कार ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में रामसिंह व फूलवती की मौत हो गई, जबकि भूपेंद्र घायल हो गया। इसकी सूचना मिलते ही परिजन भरतपुर पहुंच गए। पुलिस ने सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। रविवार रात जैसे ही हादसे की सूचना मिली आसपास के लोग व रिश्तेदार पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचने लगे। सोमवार सुबह 11 बजे दोनों के शव मासूम नगर स्थित घर पहुंचे। जैसे ही शव को गाड़ी से उतारा गया वहां मौजूद परिजन विलाप करने लगे। आसपास के लोग भी पति-पत्नी की मौत से गमजदा थे। सभी के जुबां पर एक ही बात थी कि बेटों के सिर से एक साथ मां-बाप का साया उठ गया। भूपेंद्र, शशिपाल व मोरमुकुट माता पिता की मौत के बाद स्तब्ध हैं। पुत्री निरमा का भी रो-रोकर बुरा हाल था। कुछ समय पहले ही उसका विवाह हुआ है।
विज्ञापन
सिक्योरिटी गार्ड थे राम सिंह
राम सिंह पेशे से सिक्योरिटी गार्ड थे। वे धानमील के पास स्थित गेटबंद कॉलोनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। ग्रामीण उनके व्यवहार को लेकर भी बात करते दिखे। चर्चा थी कि स्वभाव से रामसिंह भले इंसान थे। वह किसी को परेशानी में नहीं देख सकते थे।
विज्ञापन
एक बेटे की नहीं हुई है शादी
रामसिंह और फूलवती के चार संतानें हैं। बड़ा बेटा शशिपाल, छोटा भूपेंद्र और बेटी निरमा शादीशुदा है। सबसे छोटे बेटे मोरमुकुट की अभी शादी नहीं हुई है। वह रेलवे की तैयारी कर रहा है।