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Mathura News: बाढ़ से सौभरि वन में नष्ट हुए एक हजार पौधे
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वृंदावन। वराह घाट के समीप यमुना खादर में 138 हेक्टेयर में फैले सौभरि वन में बाढ़ के कारण नष्ट हुए पेड़ों को लेकर वन विभाग डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। वन में करीब एक माह तक पानी भरा रहने से नष्ट हुए छोटे पौधों के स्थान पर उसी प्रजाति के नए पौधे लगाने का कार्य किया जा रहा है। वन के कुछ हिस्से में अभी भी पानी भरा है। सूखने पर वहां भी पौधे रोपने का कार्य किया जाएगा।
नगर के वराह घाट क्षेत्र स्थित सौभरि वन में विभिन्न प्रजातियों के कृष्ण कालीन 75875 पौधे लगाए गए थे। इसमें कदंब, तमाल, गूलर, बेल, पीपल, पाखड़, अर्जुन, जामुन, नीम, आंवला, शहतूत, बांस, बेल, शीशम, बरगद के पौधे शामिल हैं। सितंबर माह में आई बाढ़ में वन में पांच फीट तक पानी भर जाने पर करीब एक हजार छोटे पौधे नष्ट हो गए। इनमें अधिकांश जामुन, अर्जुन, आंवला, बरगद के पौधे थे। वन अधिकारी के निर्देश पर नष्ट हुए पौधों का सर्वे कर उसी प्रजाति के पौधे लगाने का निर्णय लिया गया।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी अतुल तिवारी ने बताया कि सौभरि वन में बाढ़ के कारण नष्ट हुए छोटे पौधों के स्थान पर उसी प्रजाति के पौधे लगाने का कार्य किया जा रहा है। पांच से सात फीट के पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि उनको किसी तरह का नुकसान न पहुंच सके। बताया कि जो पौधे दो या उससे अधिक साल के हो गए, वह पानी से बच गए हैं।
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नगर के वराह घाट क्षेत्र स्थित सौभरि वन में विभिन्न प्रजातियों के कृष्ण कालीन 75875 पौधे लगाए गए थे। इसमें कदंब, तमाल, गूलर, बेल, पीपल, पाखड़, अर्जुन, जामुन, नीम, आंवला, शहतूत, बांस, बेल, शीशम, बरगद के पौधे शामिल हैं। सितंबर माह में आई बाढ़ में वन में पांच फीट तक पानी भर जाने पर करीब एक हजार छोटे पौधे नष्ट हो गए। इनमें अधिकांश जामुन, अर्जुन, आंवला, बरगद के पौधे थे। वन अधिकारी के निर्देश पर नष्ट हुए पौधों का सर्वे कर उसी प्रजाति के पौधे लगाने का निर्णय लिया गया।
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वन विभाग के क्षेत्राधिकारी अतुल तिवारी ने बताया कि सौभरि वन में बाढ़ के कारण नष्ट हुए छोटे पौधों के स्थान पर उसी प्रजाति के पौधे लगाने का कार्य किया जा रहा है। पांच से सात फीट के पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि उनको किसी तरह का नुकसान न पहुंच सके। बताया कि जो पौधे दो या उससे अधिक साल के हो गए, वह पानी से बच गए हैं।
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