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लैब से लैंड तक ज्ञान पहुंचाने का प्रयास सराहनीय : प्रो. बघेल
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बकरी पालक किसानों के साथ केंद्रीय मंत्री एस.पी.सिंह बघेल।
मथुरा। केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा लैब से लैंड तक ज्ञान पहुंचाने का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने किसानों व बकरी पालकों से आह्वान किया कि वे परंपरागत पद्धतियों के स्थान पर वैज्ञानिक एवं आधुनिक विधियों को अपनाएं। कहा कि कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में हुई क्रांतियां वैज्ञानिकों के प्रयासों का परिणाम है। इससे भारत कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है। बकरी पालकों को तकनीकों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि खुरपका-मुंहपका मुक्त भारत से ही पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी। हमारा संकल्प है कि विज्ञान-आधारित प्रशिक्षण व नवाचार के दम पर छोटे-सीमांत किसानों, महिलाओं और युवाओं तक प्रगति तेज़ी से पहुंचे।
प्रो. बघेल केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, फरह में विश्व बकरी दिवस 2025 के अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास कार्य योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का विषय था बकरी पालन से समृद्धि की ओर। इसमें मथुरा एवं भरतपुर जिलों के लगभग 250 बकरी पालकों ने भाग लिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीनदयाल धाम के निदेशक सोनपाल मौजूद रहे।
संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष चेटली ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य किसानों एवं बकरी पालकों को वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से आधुनिक बकरी पालन की दिशा में प्रेरित करना है। इससे उनकी आय दोगुनी करने में सहायता मिल सके। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मुकेश भकत, डॉ.एके दीक्षित, डॉ. गोपाल दास एवं डॉ. अरविंद कुमार आदि उपस्थित रहे।
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प्रो. बघेल केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, फरह में विश्व बकरी दिवस 2025 के अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास कार्य योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का विषय था बकरी पालन से समृद्धि की ओर। इसमें मथुरा एवं भरतपुर जिलों के लगभग 250 बकरी पालकों ने भाग लिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीनदयाल धाम के निदेशक सोनपाल मौजूद रहे।
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संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष चेटली ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य किसानों एवं बकरी पालकों को वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से आधुनिक बकरी पालन की दिशा में प्रेरित करना है। इससे उनकी आय दोगुनी करने में सहायता मिल सके। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मुकेश भकत, डॉ.एके दीक्षित, डॉ. गोपाल दास एवं डॉ. अरविंद कुमार आदि उपस्थित रहे।
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